July 25, 2012

इस अंक में

उदंती, जुलाई 2012
मासिक पत्रिका  वर्ष2, अंक 11, जुलाई 2012

 

कैसा छंद बना देती हैं, बरसातें बौछारों वाली,
निगल-निगल जाती हैं बैरिन, नभ की छवियाँ तारों वाली!
    - माखनलाल
चतुर्वेदी



 संस्मरण: बिन पानी सब सून... - डा. रत्ना वर्मा
 मौसम: मानसून की कहानी  - नवनीत कुमार गुप्ता     
 यात्रा वृतांत: अकथ कहानी प्रेम की... -चन्द्र कुमार 
 जीवनशैली: बूंदों में जाने क्या नशा है...  - सुजाता साहा
 फूड प्रोसेसिंग: भोजन के पोषक तत्व कहां... - भारत डोगरा
 कविता: पानी  - अख्तर अली
 मानसून: मोर पपीहा बोलन लागे... - आर. वर्मा
खोज: 10 नए अनोखे प्राणी  - उदंती
 शोध: तेज होता है टैक्सी चलाने वालों का दिमाग
 कालजयी कहानियाँ: उसने कहा था - चन्द्रधर शर्मा गुलेरी
 लघुकथाएं: 1. सदुपयोग 2. समय चक्र  3. दो रुपए के अखबार -बालकृष्ण गुप्ता गुरु 
 जन्म शताब्दी वर्ष: मैं क्यों लिखता हूँ? - सआदत हसन मंटो
 व्यंग्य: हुए जिन्दगी से जुदा, आ लगे कतार में  - जवाहर चौधरी
 गजल: आँखें भी थक गयीं  - डा. गीता गुप्त
 विचार : मैं तो नहीं पढूंगी ... - डा. ऋतु पल्लवी
 प्रेरक कथा: खाली डिब्बा
 ब्लाग बुलेटिन से: कोलंबस होना अच्छा...  - रश्मि प्रभा
 वाह भई वाह    
 ताँका: पावस - रामेश्वर काम्बोज हिमांशु
 आपके पत्र
 रंग बिरंगी दुनिया

3 Comments:

निर्मला कपिला said...

बहुत अच्छा लगा यहाँ आ कर। अभी कम समय ही बैठ पाती हूँ इस लिये सभी को पढ नही पाती। धन्यवाद कुछ दिन मे सब को पढती हूँ

MANI KA HASHIYA said...

‘उदंती’ का नया अंक देखा। हमेशा की तरह यहाँ आकर अच्छा ही लगा । स्वास्थ्य की कुछ समस्याओं के चलते सभी तो अभी नहीं पढ़ पाई, पर फिर भी जितना पढ़ा, अच्छा लगा । ताँका मैं लिखती नहीं, पर भाई काम्बोज जी की कविताएँ मुझे हमेशा से बहुत पसन्द रही। जापानी ही सही, पर ताँका है तो कविता की एक शैली ही...काम्बोज जी को उनके खूबसूरत ताँका के लिए बधाई ।
एक बार फिर ‘उसने कहा था’ पढ़ कर आनन्द मिला, आभार ।
पानी की सामयिक समस्या आपने बड़ी खूबी से सामने रखी है, बधाई ।
आप के अच्छे सम्पादन पर मेरी शुभकामनाएँ ।

प्रेम गुप्ता ‘मानी’

sushila said...

उत्तम रचनाओं के साथ सहेजा गया उत्त्म अंक। अपने प्रिय लेखकों रामेश्‍वर काम्बोज ’हिमांशु’ और रश्मिप्रभा जी के साथ-साथ अन्य लेखकों को पढ़ना सुखद रहा।
डॉ रत्‍ना वर्मा को एक उच्च स्तर की पत्रिका के लिए बधाई और शुभकामनाएँ!

लेखकों से अनुरोध...

उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। समाजिक जन जागरण के विभिन्न मुद्दों को शामिल करने के साथ ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, कविता, गीत, गजल, व्यंग्य, निबंध, लघुकथाएं और संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। उपर्युक्त सभी विषयों पर मौलिक अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। आप अपनी रचनाएँ Email-udanti.com@gmail.comपर प्रेषित करें।

माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

उदंती.com तकनीकि सहयोग - संजीव तिवारी

टैम्‍पलैट - आशीष