July 25, 2012

पानी

- अख्तर अली
युद्ध विशेषज्ञों का मानना है
अगला विश्व युद्ध पानी के लिये
हो सकता है।
युद्ध तय है
वजह तय होना बाकी है।
कोई वजह नहीं मिली
तो पानी तो है ही।
पानी के लिये होगा रक्तपात
पानी से लगेगी आग।
प्रेम पर पानी फिर जायेगा
पानी पर लकीर खींच दी जायेगी
लकीर बनेगी बहाना,
फिर होगा आरम्भ खून बहाना
पानी खून की तरह जम जाएगा
खून पानी की तरह बह जायेगा
धरती लहू से सींच दी जायेगी
लाशों की फसल अच्छी होगी।
किसी की आँखों से पानी टपक रहा होगा
किसी की आँखों का पानी सूख चूका होगा।
पानी के लिए युद्ध देख
पानी भी शर्म से
पानी पानी हो जायेगा।
पानीदार चेहरे गुम जायेगे
सभ्यता पानी में बह जाएगी
बाढ़ भंवर और सुनामी के बाद
विश्व के रंगमंच पर
नये रूप में प्रस्तुत होगा पानी।
रक्त से बुझेगी
पानी की प्यास
मस्तिष्क को पानी
कीचड़- कीचड़
कर देगा।
जब पानी के लिये युद्ध होगा
तब पानी चुल्लू भर पानी में डूब मरेगा।
युद्ध के बाद
शांति की अपील करते बच्चे
हाथ में तख्ती लिये
सड़कों पर निकलेंगे
जिस पर लिखा होगा
जल ही जीवन है।
प्रभु जिन्हें उम्मीद है
पानी के लिये युद्ध होगा
उनकी उम्मीदों पर
पानी फेर दो।

संपर्क- फजली अपार्टमेन्ट, आमानाका, रायपुर ( छत्तीसगढ़), मो. 09826126781 श्
Email-  akhterspritwala@yahoo.co.in

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माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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