September 27, 2012

उदंती.com-सितम्बर 2012

 मासिक पत्रिका  वर्ष 3, अंक 1,सितम्बर 2012 



मनुष्य का जीवन एक महानदी की भांति है 
जो अपने बहाव द्वारा नवीन दिशाओं में राह बना लेती है। 
                                               - रवीन्द्रनाथ ठाकुर

अनकही: पर्यटन संस्कृति    - डॉ. रत्ना वर्मा
शिक्षक दिवस: गुरु-शिष्य की बदलती परंपरा - आकांक्षा यादव  
रियो डि जेनेरियो: संयुक्त राष्ट्र का वैश्विक सम्मेलन - चन्द्रशेखर साहू  
वन्य जीवन: कान्हा के बाघों की ... - संदीप पौराणिक
प्रेरक कथा: निर्णय
धरोहर: पाली शिव मंदिर में कला का .... -  प्रो. अश्विनी केशरवानी    
कविता: पीड़ा अब न सही जाती - डॉ. गीता गुप्त
जलाशय पर्यटन: नयनाभिराम जलप्रपात  - विप्लव
पुरातन: लव-कुश का जन्मस्थल तुरतुरिया     - ज्योति प्रेमराज सिंह 
हाइकु: रजनीगंधा - सुशीला शिवराण
विज्ञान: आकाश से टपकता सौंदर्य  - नरेन्द्र देवांगन
कालजयी कहानियाँ: बिन्दा  - महादेवी वर्मा
लघुकथाएं: 1. प्रतिद्वन्द्वी 2. ठंड - इला प्रसाद
व्यंग्य: 'सॉरी' हिंदी दिवस पर अंग्रेजी बोली - अविनाश वाचस्पति
श्रद्धांजलि:  ए. के. हंगल - विनोद साव
जन्म शताब्दी वर्ष: मैं अफसाना क्यों कर...  - सआदत हसन मंटो
किताबें : भीमायन    
आपके पत्र
कविता: परिणाम  - हर्षिता विकास कुमार
उदंती का सफर ...

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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