March 21, 2011

वर्ष 1, अंक 7, मार्च 2011
**************

रंग में वह जादू है जो रंगने वाले, भीगने वाले और देखने वाले तीनों के मन को विभोर कर देता है।
- मुक्ता
**************
अनकही: यत्र नार्यस्तु पूजयन्ते...?
महिला विशेष: बेटियां लाएंगी उजियारा - श्रीमती हर्षा पौराणिक
महिला विशेष: हाऊस वाईफ के अस्तित्व पर उठते सवाल? - वन्दना गुप्ता
महिला विशेष: एक पार्क केवल महिलाओं का
महिला विशेष: बेटी की कमाई के हकदार? - रेखा श्रीवास्तव
महिला विशेष: साहसी वैज्ञानिक महिलाएं - अजिता मेनन
22 मार्च विश्व जलदिवसः जल प्रदूषण: नदियों को बचाना होगा - अम्बरीष श्रीवास्तव
शंख का पूजा में महत्व
समाजः छत के नीचे 181 सदस्य
पर्व-संस्कृति: सांस्कृतिक विरासत का लोक स्वरूप - यशवन्त कोठारी
होली के तीन हाइकू : -डॉ. सुधा गुप्ता, रेखा राजवंशी, डॉ. रमा द्विवेदी
सेहत: भ्रांतियों के भंवर में आयुर्वेद - डॉ. विनोद बैरागी
जन्म शताब्दी वर्ष: फैज अहमद 'फैज' निखर गए हैं गुलाब ... - मनीष कुमार
कविता: भ्रष्टाचार- एक पोर्ट्रेट - राम अवतार सचान
कहानी: ठेस - फणीश्वरनाथ रेणु
लघु कथाएं: 1. समझदारी 2 . अन्तरद्वंद - जमील रिज़वी
किताबें: एक दुर्लभ व्यक्तित्व ....- परदेशी राम वर्मा
शोध: शरीर को जरूरी ईंधन देता है पालक
वाह भई वाह
आपके पत्र/ मेल बाक्स
रंग बिरंगी दुनिया

1 Comment:

Devi Nangrani said...

Holi ka Rangarangi Udanti Ank anek vishayon ki nageenedari se bharporr anad deta hua man lubha raha hai.
shubhkamnaon sahit
Devi NangraniHua

लेखकों से... उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक लेखों के साथ पर्यावरण, पर्यटन, लोक संस्कृति, ऐतिहासिक- सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, व्यंग्य, लघुकथाएँ, कविता, गीत, ग़ज़ल, यात्रा, संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। आपकी मौलिक, अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। रचनाएँ कृपया Email-udanti.com@gmail.com पर प्रेषित करें।
माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। माटी संस्था कई वर्षों से बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से उक्त गुरूकुल के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (U.K.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर, रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी, रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से स्कूल जाने में असमर्थ बच्चे शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होंगे ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेंगे। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ.ग.) मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

उदंती.com तकनीकि सहयोग - संजीव तिवारी

टैम्‍पलैट - आशीष