March 21, 2011

उदन्ती.com-मार्च 2011

वर्ष 1, अंक 7, मार्च 2011
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रंग में वह जादू है जो रंगने वाले, भीगने वाले और देखने वाले तीनों के मन को विभोर कर देता है।
- मुक्ता
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अनकही: यत्र नार्यस्तु पूजयन्ते...?
महिला विशेष: बेटियां लाएंगी उजियारा - श्रीमती हर्षा पौराणिक
महिला विशेष: हाऊस वाईफ के अस्तित्व पर उठते सवाल? - वन्दना गुप्ता
महिला विशेष: एक पार्क केवल महिलाओं का
महिला विशेष: बेटी की कमाई के हकदार? - रेखा श्रीवास्तव
महिला विशेष: साहसी वैज्ञानिक महिलाएं - अजिता मेनन
22 मार्च विश्व जलदिवसः जल प्रदूषण: नदियों को बचाना होगा - अम्बरीष श्रीवास्तव
शंख का पूजा में महत्व
समाजः छत के नीचे 181 सदस्य
पर्व-संस्कृति: सांस्कृतिक विरासत का लोक स्वरूप - यशवन्त कोठारी
होली के तीन हाइकू : -डॉ. सुधा गुप्ता, रेखा राजवंशी, डॉ. रमा द्विवेदी
सेहत: भ्रांतियों के भंवर में आयुर्वेद - डॉ. विनोद बैरागी
जन्म शताब्दी वर्ष: फैज अहमद 'फैज' निखर गए हैं गुलाब ... - मनीष कुमार
कविता: भ्रष्टाचार- एक पोर्ट्रेट - राम अवतार सचान
कहानी: ठेस - फणीश्वरनाथ रेणु
लघु कथाएं: 1. समझदारी 2 . अन्तरद्वंद - जमील रिज़वी
किताबें: एक दुर्लभ व्यक्तित्व ....- परदेशी राम वर्मा
शोध: शरीर को जरूरी ईंधन देता है पालक
वाह भई वाह
आपके पत्र/ मेल बाक्स
रंग बिरंगी दुनिया

1 Comment:

Devi Nangrani said...

Holi ka Rangarangi Udanti Ank anek vishayon ki nageenedari se bharporr anad deta hua man lubha raha hai.
shubhkamnaon sahit
Devi NangraniHua

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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