Thursday, February 2, 2012

इस अंक में


मासिक पत्रिका वर्ष2, अंक 5, जनवरी 2012

निरक्षरता देश के लिए सबसे बड़ा अभिशाप है।
इसके लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है।
- सुभाष चंद्र बोस

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अनकही: हताशा की काली छाया तले - डॉ. रत्ना वर्मा
नया साल: अभी भी देर नहीं हुई है
खुश रहें और आशावादी बने: सुभाष चंद्र बोस
साहित्य: मैं तुलसीदास की रामायण माँगता हूं - यशवंत कोठारी
सहकारिता: जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के सौ साल
पर्यावरण: विलासिता की राह छोडऩी होगी
सिनेमा: पार्श्वगायन के जन्मदाता पुतुल दा - पंकज मल्लिक
लोक- संगीत: आदिम लोक जीवन की अनुगूंज - संजीव तिवारी
अनूप रंजन: सांस्कृतिक परंपरा को समर्पित...
सेहत: लोग पत्थर मिट्टी क्यों खाते हैं?- डॉ. एस. जोशी
मुद्दा: ध्वस्त न्याय प्रणाली - राम अवतार सचान
मिसाल: 94 की उम्र में भी फुल टाइम जॉब
जयंती: अब लोचन अकुलाय, लखिबों लोचन लाल को... - प्रो. अश्विनी केशरवानी
हाइकु: बर्फीला मौसम - डॉ. सुधा गुप्ता
कविता: पल दर पल - अशोक सिंघई
हर सवाल में - डॉ. अजय पाठक

व्यंग्य: अपनी शरण दिलाओ, भ्रष्टाचार जी! - प्रेम जनमेजय
लघुकथाएं: 1.कमीज 2. अपने अपने सन्दर्भ - रामेश्वर काम्बोज हिमांशु
पहल: सूरज प्रकाश ने अपना खजाना ऐसे बांटा...
पिछले दिनों
वाह भई वाह

रंग बिरंगी दुनिया
शोध: जूते कितने फायदेमंद
ग़ज़ल: बांसुरी की तान, लम्बी कतार - चांद शेरी
बूंद- बूंद से बना समंदर

6 Comments:

वन्दना अवस्थी दुबे said...

एक-एक कर पढूंगी सभी रचनाएं.

KAHI UNKAHI said...

‘उदंती’ के रूप में एक सार्थक और खूबसूरत पत्रिका निकालने के लिए बहुत बधाई...। अभी तक जितनी रचनाएँ पढ़ पाई, अच्छी लगी...। रचनाओं का चयन अच्छा है...। मेरी शुभकामनाएँ...।
साथ ही होली की भी अग्रिम शुभकामनाएँ...।

प्रियंका गुप्ता

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत सार्थक पत्रिका ... हर रंग सिमटा हुआ है ... आभार

Rachana said...

sunder manohari patrika aap ki mihnat se rachi basi khushbu sabhi ko mahka rahi hai
badhai
rachana

mukesh chandrawanshi said...

एक एक शब्द मार्धय लियॆ हुए है
पढने में आन्नद आता है..........

mukesh chandrawanshi said...

एक एक शब्द मार्धय लियॆ हुए है
पढने में आन्नद आता है..........

संपादकीय पता- उदंती, जीवन बीमा मार्ग, रायपुर (छ. ग.) 492 004 , फोन नं. 0771- 4064230 , email : udanti.com@gmail.com. सदस्यता शुल्क- वार्षिक- 500 रुपए (डाक खर्च 60 रुपए) शुल्क चैक /ड्राफ्ट के माध्यम से उदंती (udanti) के नाम से भेजें। रायपुर से बाहर के चैक में 30 रुपए अतिरिक्त जोड़े। शुल्क भेजने का पता- उदंती, जीवन बीमा मार्ग, पंडरी रायपुर (छ. ग.) 492 004. सर्वाधिकार सुरक्षित- प्रकाशित सामग्री के उपयोग के लिए लेखक, प्रकाशक की अनुमति आवश्यक है। प्रकाशित रचनाओं के विचारों से उदंती का सहमत होना आवश्यक नहीं है। उदंती से संबधित किसी भी विवाद का न्याय क्षेत्र रायपुर रहेगा। स्वामी/प्रकाशक/मुद्रक/संपादक डॉ. रत्ना वर्मा द्वारा, उदंती प्रकाशन, पंडरी, रायपुर छत्तीसगढ़ से मुद्रित एवं प्रकाशित। मूल्य: 50रूपए. व्यापारिक प्रतिनिधि- रश्मि वर्मा कार्यालय प्रतिनिधि- सुजाता साहा ******************************************************************************************* लेखकों से... मासिक पत्रिका 'उदंती' छत्तीसगढ़ से निकलने वाली एक बहुरंगी सामाजिक पत्रिका है। इस पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। हमारा देश विविधताओं से भरा देश है जहां की कला और संस्कृति की दुनिया भर में अपनी एक खास पहचान है। पत्रिका में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों के अलावा देश- दुनिया की रोचक जानकारी प्रस्तुत करने के साथ- साथ साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे यात्रा, संस्मरण, कहानी, कविता, गीत, गजल, व्यंग्य, निबंध, लघुकथाएं आदि का भी समावेश किया गया है। साथ ही चित्रकला, शिल्पकला, मूर्तिकला तथा नृत्य, गीत, संगीत से जुड़े कलाकारों का परिचय के साथ उनकी कला के बारे में जानकारी प्रकाशित की जाती हैं। उपरोक्त सभी विषयों पर मौलिक, अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। लेखकों से अनुरोध है कि वे रचना के साथ अपना संक्षिप्त परिचय फोटो, फोन नंबर, मोबाईल नंबर, ईमेल तथा डाक का पता भी अवश्य भेजें। पत्रिका www.udanti.com पर भी उपलब्ध है। आप अपनी रचनाएं Email- udanti.com@gmail.com अथवा संपादक , उदंती, जीवन बीमा मार्ग, पंडरी रायपुर (छ.ग.) 492 004 के पते पर प्रेषित करें।

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