January 31, 2012

रंग- बिरंगी दुनिया

35 लाख की छह बोतलें


पैरिस एयरपोर्ट पर एक एशियाई ग्राहक ने ड्यूटी फ्री सेल के सारे रिकॉर्ड तोड़े। उसने 50,000 यूरो में वाइन की छह बोतलें खरीदीं। यानी 35 लाख रुपये में छह बोतलें। साल के अंत में हुई इस बंपर सेल से पैरिस वाले भी दंग हैं।
'शराब जितनी पुरानी हो, उतनी बढिय़ा होती है,' इस जुमले को अमल में लाने वाले एक शख्स पैरिस से उड़ान भर चुके हैं। लेकिन फ्लाइट पर चढऩे से पहले उस एशियाई वाइन प्रेमी ने चाल्र्स द गॉल एयरपोर्ट पर ऐसी खरीदारी की कि शहर में खुसपुसाहट शुरू हो गई। उसने बेहद अथाह पैसे खर्च कर पुरानी वाइन (अंगूर की बनी खास शराब) की छह बोतलें खरीदी। इनमें 1995 की एक रोमाने कोंती, 2003 की एक शातो मारगो और 1982 में तैयार की गई शातो लाफित की दो बोतलें है। उसने 31 साल पुरानी वाइन पेट्रुस की भी दो बोतलें खरीदीं। बिल बना 49,905 यूरो का। पैरिस एयरपोर्ट के इतिहास में एकमुश्त इतनी बड़ी बिक्री पहले कभी नहीं हुई। एयरपोर्ट प्रशासन और वाइन स्टोर ने ग्राहक का नाम गोपनीय रखा है।

नशा ऐसा कि जुटा लिए 3,000 जोड़ी जूते!

दुनियाभर में कई तरह की विचित्र सोच वाले व्यक्ति देखने को मिलते हैं। किसी को सिक्कों के संग्रह का शौक होता है तो किसी को किताबें एकत्र करने का। लेकिन लंदन की गायिका सेलिन डायोन को एक अलग तरह का ही शौक है। उन्हें तरह-तरह के जूते पहनना पसंद है। उनके इसी शौक की वजह से उनके पास अलग- अलग तरह के करीब 3,000 जोड़ी जूते इकट्ठा हो गए हैं।
वेबसाइ 'फीमेलफस्र्ट डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक 43 साल की डायोन स्वीकार करती हैं कि जब वह बाजार जाती हैं तो खुद को जूते खरीदने से रोक नहीं पाती हैं। हम उनसे पूछना चाहते हैं कि मैडम जी इन जूतों को आप पहनती भी हैं या इन्हें सेल्फ में सजा कर सिर्फ देख- देख कर खुश होती हैं।

25 साल बाद महिला के पेट से निकली कलम

ब्रिटे में एक बुजुर्ग महिला के पेट से 25 साल बाद एक कलम निकली है। आश्चर्य में डॉक्टर भी हैं कि इतने साल तक पेट के अंदर रहने के बाद भी वह पेन बिल्कुल ठीक हालत में है और उससे लिखा जा सकता है। दरअसल, 76 वर्षीय इस महिला ने 80 के दशक में शीशे में देखकर टांसिल की जांच करते वक्त गलती से कलम निगल ली थी।
प्लास्टिक से बनी इस कलम को महिला के पेट से उस वक्त निकाला गया जब वह पेट में दर्द, गिरते वजन और दस्त सम्बंधी शिकायत लेकर विशेषज्ञ के पास गई। महिला की सामान्य शल्य चिकित्सा के दौरान पेट में कलम पूर्व स्थिति में मिलने से चिकित्सक भी खासे हैरान हैं। इतने लम्बे समय तक पेट में रहने के बाद भी कलम ने महिला के पेट को किसी तरह का कोई आंतरिक नुकसान नहीं पहुंचाया है।

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लेखकों से अनुरोध...

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माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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