May 10, 2011

इस अंक में


उदंती.com        मई 2011



प्रकृति का तमाशा भी ख़ूब है।
 सृजन में समय लगता है 
जबकि विनाश
 कुछ ही पलों में हो जाता है।
- ज़किय़ा ज़ुबैरी

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अनकही: पाकिस्तान + ओसामा बिन लादेन...
स्वच्छताः हम सब हाथ धोकर पीछे पड़ें हैं! - सुशील जोशी
पर्यटनः प्रकृति की गोद में बसा 'मिनी कश्मीर' - लोकेन्द्र सिंह राजपूत
बाघ संरक्षणः बाघों की अनोखी शरणस्थली 'टाइगर टेम्पल' - अशोक सिंघई
बाघ संरक्षणः क्या बच पाएगा 'बाघ' - संदीप पौराणिक
बाघ संरक्षणः वनराज जंगल की सल्तनत छोड़कर बाहर ... -देवेन्द्र प्रकाश मिश्र
जीवनशैलीः मार्क्स और उनकी जीवनसंगिनी
वाह भई वाह
विश्व तम्बाकू निषेध दिवसः धुएं से तबाह होती जिंदगी - कृष्ण कुमार यादव
कविता: कालिंग बेल - अरुण चन्द्र रॉय
यादेः उनके बाल छू लेने की ख्वाहिश ... - रश्मि प्रभा
आजीविकाः बेकिंग से 'पौपी' और उसके दोस्तों ... - टेरेसा रहमान
कहानी: मास्टरनी - भुवनेश्वर
लघुकथाः 1. इस्तेमाल 2. कबाड़ 3. धर्म- विधर्म -सुभाष नीरव
जिनके लिए मीठा खाना जहर .....
संसाधनः बूंद- बूंद से ही भरता है घड़ा - नवनीत कुमार गुप्ता
गज़ल : हरसिंगार - जहीर कुरेशी
पिछले दिनों
आपके पत्र/ मेल बाक्स
रंग बिरंगी दुनिया

आवरण तथा भीतर प्रकाशित बाघों के सभी चित्र- वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर सीज़र सेनगुप्त, मुंबई द्वारा
ईमेल: workcaesar@gmail.com

1 Comment:

सुनील गज्जाणी said...

namaskaar !
har baar ki tarah may ka ank bhi khoo surat hai , umdaa rachnaon ke liye rachnaaakaaron sahit sampadak mahoday jee bhi badhai ke paatr hai .
sadhuwad
saadar

लेखकों से... उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक लेखों के साथ पर्यावरण, पर्यटन, लोक संस्कृति, ऐतिहासिक- सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, व्यंग्य, लघुकथाएँ, कविता, गीत, ग़ज़ल, यात्रा, संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। आपकी मौलिक, अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। रचनाएँ कृपया Email-udanti.com@gmail.com पर प्रेषित करें।
माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। माटी संस्था कई वर्षों से बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से उक्त गुरूकुल के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (U.K.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर, रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी, रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से स्कूल जाने में असमर्थ बच्चे शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होंगे ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेंगे। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ.ग.) मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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