February 28, 2011

इस अंक में

वर्ष 1, अंक 6, फरवरी 2011
**************

राजनीति की भाषा ... ऐसे रची जाती है कि झूठ एकदम सत्य लगे और कत्ल एक कल्याणकारी काम लगे।
- जार्ज आरवेल
**************
अनकही:
असुरक्षित होती औरत
कुंभ मेलाः छत्तीसगढ़ का प्रयाग राजिम- पी.एन.सुब्रमणियन
इंडीपेक्स 2011: डाक हवाई उड़ान के 100 बरस - कृष्ण कुमार यादव
पर्यावरणः दिमाग साफ तो नदी भी साफ - अनुपम मिश्र
खोजः बैक्टीरिया: जीवन के रहस्य को...
प्यार का दर्द / वाह भई वाह
संरक्षणः जंगली भैंसा: एक लुप्त होता प्राणी - अरूणेश दवे
श्रद्धांजलिः पं. भीमसेन जोशी: जिनके कंठ में... - प्रताप सिंह राठौर
कविताएं: आने दो वसंत - राजीव कुमार
कोयल की मधुर कूक - कैलाशचंद्र शर्मा

संस्मरणः नौटंकी- यानी पारंपरिक कला का मुरब्बा - राधाकान्त चतुर्वेदी
पातीः फूल तुम्हें भेजा है खत में... - अपर्णा त्रिपाठी 'पलाश'
कहानी: जार्ज पंचम की नाक - कमलेश्वर
लघु कथाएं: 1. सच झूठ 2. हद - डॉ. श्याम सुन्दर 'दीप्ति'
लहसुन: हजारों साल से आजमाए ...
शोधः चाय: क्या कहते हैं वैज्ञानिक? - डा. विजय कुमार उपाध्याय
पिकासो के रोचक संस्मरण
चेजर ने बनाया...
आपके पत्र/ मेल बाक्स
रंग बिरंगी दुनिया


आवरण तथा भीतर के विभिन्न पृष्ठों पर प्रकाशित सभी जल- रंग चित्र -डॉ. सुनीता वर्मा, भिलाई द्वारा

1 Comment:

D.P.Mishra said...

BAHUE HE SUNDAR.
JITANE BHE TAREF
KE JAYE CAM HAI..

लेखकों से... उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक लेखों के साथ पर्यावरण, पर्यटन, लोक संस्कृति, ऐतिहासिक- सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, व्यंग्य, लघुकथाएँ, कविता, गीत, ग़ज़ल, यात्रा, संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। आपकी मौलिक, अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। रचनाएँ कृपया Email-udanti.com@gmail.com पर प्रेषित करें।
माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। माटी संस्था कई वर्षों से बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से उक्त गुरूकुल के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (U.K.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर, रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी, रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से स्कूल जाने में असमर्थ बच्चे शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होंगे ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेंगे। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ.ग.) मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

उदंती.com तकनीकि सहयोग - संजीव तिवारी

टैम्‍पलैट - आशीष