August 15, 2008

उदंती.com, अगस्त - 2008

उदंती.com, अगस्त- 2008

मनुष्य जब शेर को मारता है

तो मनुष्य कहता है यह क्रीड़ा है, 
लेकिन जब शेर मनुष्य को मारता है
तो वह कहता है यह बर्बर हिंसा है।
- जार्ज बर्नड शॉ



अनकही : विचारों की नदी - डॉ.  रत्ना वर्मा

कृषि /छत्तीसगढ :
खुशहाली के इंतजार में धान का कटोरा - चंद्रशेखर साहू
पर्यटन / नीति :
देश के पर्यटन नक्शे पर छत्तीसगढ कहां है ? - विनोद साव
उदंती : खूबसूरत गोडेना फॉल - संतोष साव
इंटरनेट : आभासी दुनिया के दीवाने ब्लागर्स - संजीव तिवारी
आलेख: सृजन का पर्याय भिलाई महिला समाज - ललित कुमार
इतिहास से / खजाना :
ओ मेरे सोना रे, सोना रे . . . - प्रताप सिंह राठौर
बस्तर / जीवन शैली :
गोंड जनजाति का विश्वविद्यालय घोटुल - हरिहर वैष्णव 
मीडियाः
छोटे परदे की टीआरपी बढाते बडे सितारे - डॉ. महेश परिमल
संस्मरण : सॉंस सॉंस में बसा देहरादून - सूरज प्रकाश
मन की गांठ / आदत : कृपया क्षमा कीजिए - लोकेन्द्र सिंह कोट
इस अंक के लेखक
सुर्खियाँ- अभिनव तुझे सलाम

Labels:

5 Comments:

At 03 September , Blogger Ashwini Kesharwani said...

ratna ji,
udanti.com ka pahala ank dekha, achchha laga. aapka patra mujhe mila tha lekin vstata ke karan kuchh likh nahi saka, keirpiya anytha n lein, aage main sahayog karunga..
patrika ke liye hardik shubhkamnaye.
prof. ashwini kesharwani

 
At 04 September , Blogger Unknown said...

udanti .com is a grand success.

 
At 09 September , Blogger चंद्रमौलेश्वर प्रसाद said...

यह पत्रिका उदंति नदी की तरह प्रवाहमान हो। हिंदी की सेवा के लिए अभी बहुत जगह खाली है। निश्चित ही इस पत्रिका के लिए हिंदी-जगत में बहुत स्थान है और वह सफलता के बहाव में बहेगी। शुभकामनाएं॥

 
At 12 September , Blogger BHANWAR said...

Ratna Ji,
JOHAR.

I really could not believe that in chhattisgarh there is such magzine is available on line. You and your efforts are really fantastic. Please accept my congrets for your beautiful magzine. I am an photographer. I have good collection of BASTAR. I will send you in my next comment. REALLY SUPERB. BHANWAR

 
At 29 January , Blogger madhu said...

ratnaji,
ek acchi patrika ke liye badhai.
aap ek baat bata dein ki rachanaayeiN kis font mein bheji jaayeiN?

 

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home