February 17, 2010

उदंती.com, जनवरी-फरवरी 2010


उदंती.com,  जनवरी-फरवरी 2010
वर्ष 2, संयुक्तांक 6-7
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धैर्य और परिश्रम से हम वह प्राप्त कर सकते हैं जो शक्ति और शीघ्रता से कभी नहीं।
- ला फान्टेन
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अनकही: रक्षक के वेश में भक्षक!
परंपरा : धरती की प्यास बुझाते हैं तालाब
- राहुल कुमार सिंह

संस्मरण : एक सच्चे संत की पुण्य स्मृति
- प्रताप सिंह राठौर

कविता: जिन्दगी की सुनहरी घड़ी
- बुधराम यादव

उत्सव : चली चली रे पतंग...- उदंती फीचर्स
अतिथि : जिनके लिए बस्तर के गांव स्वर्ग समान हैं
- हरिहर वैष्णव

प्रकृति : वसन्त बहार...- डॉ. गीता गुप्त
पर्यटन : बर्फीलीमेहमाननवाजी - बिमल श्रीवास्तव
स्वाद: भारतीय मसालों का जवाब नहीं/ जरा सोचें
धरोहर : बूंद नहीं तो समुद्र भी नहीं
जीवन शैली : जल बिच मीन पियासी रे
- अरुण कुमार शिवपुरी

वाह भई वाह
21वीं सदी के व्यंग्यकार / 10वीं कड़ी :
साहित्यकार के हसीन सपने - काशीपुरी कुंदन

कहानी: रामी - डॉ. दीप्ति गुप्ता
लघु कथाएं: कमल चोपड़ा
इस अंक के लेखक
आपके पत्र/ इन बाक्स

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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