December 25, 2010

उदन्ती.com-दिसम्बर 2010

वर्ष 1, अंक 4, दिसम्बर 2010
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सब से अधिक आनंद इस भावना में है कि हमने मानवता की प्रगति में कुछ योगदान दिया है। भले
ही वह कितना कम, यहां तक कि बिल्कुल ही तुच्छ क्यों न हो?
- डॉ. राधाकृष्णन
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अनकही: चमत्कार भी होते हैं!
संरक्षणः
राष्ट्रीय विरासत हाथी - नवनीत कुमार गुप्ता
परंपराः
छत्तीसगढ़ के रमरमिहा - प्रो. अश्विनी केशरवानी
मुलाकातः
दण्डकारण्य का एक संत कवि - राजीव रंजन प्रसाद
मुद्दाः
आत्महत्या के रास्ते युवा पीढ़ी - गोपाल सिंह चौहान
यायावरीः
ब्रूस मिलसम की एक दिलचस्प समुद्री यात्रा - प्रताप सिंह राठौर
एक होटल जिसकी सजावट में ... /
वाह भई वाह
आधी दुनिया की आवाजः
अब बोलने का नहीं करने का समय ... - हुमरा कुरैशी
सबसे महंगी शाही शादी

दो गजलें -
जहीर कुरेशी
कहानी:
एक टोकरी भर मिट्टी - माधवराव सप्रे
लघु कथाएं:
21वीं सदी का सपना, स्त्री का दर्द -अमर गोस्वामी
किताबेः
संयुक्ता ने सिखाया दिल से
दो घंटे से ज्यादा कंप्यूटर खतरनाक ....

व्यंग्य:
एक शाम, भ्रष्टाचारियों के नाम - संजय कुमार चौरसिया
शोधः
ताली बजाकर सेहत बनाएं/ पिकासो के रोचक संस्मरण
आपके पत्र/ मेल बाक्स

रंग बिरंगी दुनिया

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2 Comments:

At 30 December , Blogger चंद्रमौलेश्वर प्रसाद said...

`सब से महंगी शाही शादी’ के कुछ वर्षों बाद सब से बडी सनसनी फैलाती विवाह विछेद के किस्से आजकल आम बात हो गई है। आशा है यह राजसी शादी बनी रहेगी॥
उदंति का यह अंक पठनीय है, बधाई स्वीकारें॥

 
At 31 December , Blogger खबरों की दुनियाँ said...

नववर्ष की मंगल कामनाएं स्वीकार करें । आपको सपरिवार मंगल कामनाएं अर्पण करता हूँ ,स्वीकार हों । - आशुतोष मिश्र

 

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