December 25, 2010

ताली बजाकर सेहत बनाएंँ

ताली बजाकर सेहत बनाएँ
भजन गाते या गाना गाते समय ताली बजाना न सिर्फ अपकी रुचि को दर्शाता है बल्कि यह एक्यूप्रेशर का भी काम करता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि प्रतिदिन नियमित रूप से कम से कम 1 या 2 मिनट ताली बजाई जाए तो फिर किसी प्रकार के व्यायाम करने की जरूरत नहीं है। लगातार ताली बजाने से मानव शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति की वृद्घि होती है। और व्यक्ति जल्द बीमारी के चपेट में नहीं आता।
एक्यूप्रेशर चिकित्सा के जानकार लोगों का कहना है कि हाथ की हथेलियों में शरीर के सभी आन्तरिक उत्सर्जन संस्थानों के बिन्दू होते हैं व ताली बजाने से जब इन बिन्दुओं पर बार- बार दबाव पड़ता है तो सभी आन्तरिक संस्थान ऊर्जा पाकर अपना काम सुचारू रूप से करते हैं जिससे शरीर स्वस्थ और निरोग बनता है।
यही नहीं ताली बजाने से शरीर की अतिरिक्त वसा कम होती है। इससे मोटापा कम होता है और विकार नष्ट होते हैं। शरीर की सारी क्रियाओं का संतुलन बना रहता है। साथ ही मन प्रसन्न रहता है। तो फिर देर किस बात की है आज से ही शुरू कर दीजिए ताली बजाना, क्योंकि न इसके लिए पैसे खर्च करने पड़ेंगे और न ही अतिरिक्त मेहनत। हां यदि आपको अनायास कहीं ताली बजाते देख कोई मुस्कुराता हुआ निकले तो आप भी मुस्कुरा दीजिए और यदि ऐसा करने का कारण पूछे तो मुफ्त की सलाह भी दे दीजिए, क्योंकि इसमें भी आपको कुछ खर्च नहीं करना है।
-पिकासो के रोचक संस्मरण
सिग्नेचर
पिकासो ने एक बार अपने फ्रांस वाले भवन में महोगनी की एक आलमारी बनवाने के लिए एक कारपेंटर को बुलाया।
कारपेंटर को आलमारी का वांछित डिजाईन समझाने के लिए पिकासो ने कागज पर आलमारी के आकार और रूप का एक स्केच बनाकर कारपेंटर को दिया।
पिकासो ने कारपेंटर से पूछा 'इसपर कितना खर्च आएगा?'
कारपेंटर ने कहा 'कुछ नहीं। आप बस स्केच पर अपने सिग्नेचर कर दीजिये।'
(www.hindizen.com से )

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