February 23, 2012

उदंती.com, फरवरी 2012


उदंती.com,फरवरी 2012
 वर्ष- 2, अंक 6
यदि किसी असाधारण प्रतिभा वाले आदमी से हमारा सामना हो तो हमें उससे पूछना चाहिये कि वो कौन सी पुस्तकें पढ़ता है।  - एमर्शन
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पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म
कहि देबे संदेस पर विशेष

अनकही: शिक्षा की ध्वस्त बुनियाद - डॉ। रत्ना वर्मा
बृजलाल वर्मा का साथ और पलारी वासियों ... - उदंती फीचर्स
हर मुश्किल पार करके पूरा हुआ, मनु नायक... - मोहम्मद जाकिर हुसैन
सुरीले गीतों का फनकार- डॉ. एस. हनुमंत नायडू
रफी साहब की दरियादिली देख...
मुबारक बेगम नहीं गा सकीं बिदाई गीत
छत्तीसगढिय़ा मिठास घोलने वाले संगीतकार ...
नए कलाकारों को मिला महत्व
'कहि देबे संदेस' की व्यथा- कथा
कहां गुम हो गई छत्तीसगढ़ी जनजीवन की झलक? - भूपेन्द्र मिश्रा
प्रकृति: कचनार की छाँह में - अर्बुदा ओहरी
सेहत: माटी का सेब आलू - नवनीत कुमार गुप्ता
हाइकु: प्यार का पर्व - मंजु मिश्रा
लघुकथाएं: 1. चाहत 2. पराया सम्मोहन - रचना गौड़ 'भारती'
गजलें: क्या रोज छिटकती है चाँदनी? - प्राण शर्मा
ब्लॉग बुलेटिन से: लहरें... एक नशा है... - रश्मि प्रभा
प्रेरक कथा: वृक्ष
पिछले दिनों
वाह भई वाह
मिसाल: नाव से दुनिया का ....
जरा सोचें: माफ करना सीखें - डॉ. सृष्टि सिसोदिया
पर्यावरण: विज्ञान की रक्षक भूमिका - भारत डोगरा
रंग बिरंगी दुनिया

2 Comments:

रूपसिंह चन्देल said...

प्राण शर्मा जी की गज़लें समय, समाज और जीवन की वास्तविकता से साक्षात करवाती हैं.

रूपसिंह चन्देल

सुनील गज्जाणी said...

ek naayab ank ,mukh pristh sunder laga .

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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