September 10, 2011

इस अंक में

उदंती.com     सितम्बर 2011

आर्थिक युद्ध किसी राष्ट्र को नष्ट करने का एक सुनिश्चित तरीका है, उसकी मुद्रा को खोटा कर देना। (और) यह भी उतना ही सत्य है कि किसी राष्ट्र की संस्कृति और पहचान को नष्ट करने का सुनिश्चित तरीका है, उसकी भाषा को हीन बना देना।... (लेकिन) यदि विचार भाषा को भ्रष्ट करते है तो भाषा भी विचारों को भ्रष्ट कर सकती है — जार्ज ओर्वेल
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अनकही: प्रकृति का प्रतिशोध - डॉ. रत्ना वर्मा
ओजोन दिवस: धरती का रक्षा कवच - नवनीत कुमार गुप्ता
मीडिया: पत्रकारिता महज धन्धा न रह जाये ... - एल. एन. शीतल
हिन्दी: मेरे वतन की खुशबू ... - देवी नागरानी
वाह भई वाह
संरक्षण: गिद्ध को बचाने की कोशिश - डॉ. चन्द्रशीला गुप्ता
सुरक्षा: आतंकवादी मंसूबे ताडऩे वाली मशीन?
पर्यटन: झील पर तैरती बस्तियां - पा.ना. सुब्रमणियन
बातचीत: मैं देवदास जैसा नहीं हूं - उर्विश कोठारी
लघु कथाएं: दम तोड़ता सच, मजबूरी, छोटा परिवार - संजय जनागल
कविता: मौका तो दो ... - पूजा शर्मा
कहानी: काबुलीवाला - रवीन्द्रनाथ ठाकुर
दंड का भेद: / पिछले दिनों
व्यंग्य: पद्मश्री सम्मान और मूंगफल्ली - रवि श्रीवास्तव
सेहत: वे हंसना सीख रहे हैं!
शोध: दर्द निवारक पेड़ ...
किताबें: छत्तीसगढ़ में राम वनवास की कथा
रंग बिरंगी दुनिया

4 Comments:

Pallavi saxena said...

यह एक सभी सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डालती हुई सार्थक पत्रिका है।

मनोज अबोध said...

आदरणीय दीदी,

नि:संदेह आपका श्रम अति-सार्थक है, यह उदंती के अंको को देखकर लगता है । मुखपृष्‍ठ की नयनाभिराम छवि और विविधता लिए रचना सामग्री आपके चयन और सम्‍पादन की गवाही देती हैं । कभी कभी गजले भी छापा कीजिए ।

सादर....

मनोज अबोध, सम्‍पादक शान्ति द्वैमासिक

सुनील गज्जाणी said...

नमस्कार !
अच्छ अंक है , बधाई सपादक महोदय जी को '' उदंती '' का मुझ पृष्ठ खूब सूरत लगा . चित्र बहुत कुछ बया करता है . .
सादर

www.navincchaturvedi.blogspot.com said...

विजया दशमी की हार्दिक शुभकामनाएं। बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक यह पर्व, सभी के जीवन में संपूर्णता लाये, यही प्रार्थना है परमपिता परमेश्वर से।
नवीन सी. चतुर्वेदी

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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लेखकों सेः उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक लेखों के साथ पर्यावरण, पर्यटन, लोक संस्कृति, ऐतिहासिक- सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, व्यंग्य, लघुकथाएँ, कविता, गीत, ग़ज़ल, यात्रा, संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। आपकी मौलिक, अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। रचनाएँ कृपया Email-udanti.com@gmail.com पर प्रेषित करें।

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