October 23, 2010

उदंती.com, अक्टूबर 2010


उदंती.com,
वर्ष 3, अंक 2, अक्टूबर 2010
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हताश न होना सफलता का मूल है और यही परम सुख है। उत्साह मनुष्य को कर्मो में प्रेरित करता है और उत्साह ही कर्म को सफल बनाता है।
- वाल्मीकि
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अनकही: भ्रष्टाचार के साये तले चमकते...
पौराणिक : सरगुजा के रामगढ़ पर्वत में राम वनवास - प्रो. उत्तम चंदगोयल
संस्मरण: मैं भी फर्जी पिकासो बन सकता हूं
मुद्दा: औरत को मारने के बहाने - पंकज चतुर्वेदी
खोज: चमेली की सुंगध का नशा
पुरातन: मल्हार: जहां आज भी गूंज रहे हैं... - सुजाता साहा
हर चीज सलामत! - उदंती फीचर्स
यादें: हवा में उड़ता जाए ... - हर मन्दिर सिंह 'हमराज'
कलाकार: कबाड़ में छुपे सौंदर्य को आकार देती.... - संजीव तिवारी
मिसाल-बेमिसाल: ...और दीनानाथ ने बसा दिया एक प्रेमवन - रोली शिवहरे और प्रशांत दुबे
मानव विकास: मछली खाकर बने बुद्धिमान - डॉ. डी. बालसुब्रमण्यन
व्यंग्य: ओय ओय ... फुट ब्रिज गिर गया -प्रमोद ताम्बट
वाह भई वाह: कलमाड़ी जोक्स - जवाहर चौधरी
कहानी: ब्रह्मराक्षस का शिष्य - गजानन माधव 'मुक्तिबोध
जल: अहसास - मुकुंद कौशल तुक्तक कथा: नेताजी की सलाह - गिरीश बख्शी
वीडियो: 30 साल से बच्चों का चहेता मारियो
सुरेश शर्मा की लघु कथाएं: मानव धर्म, दीया तले
बगैर सीमेंट और कॉन्क्रीट की इमारत
टेस्ट ट्यूब बेबी के 'जनक' का सम्मान
आपके पत्र/ इन बॉक्स
लेखकों से
रंग बिरंगी दुनिया

1 Comment:

अविनाश said...

प्रमोद ताम्‍बट का सटीक व्‍यंग्‍य मानो कह रहा है ... ओय ओय ... सुरेश कलमाड़ी गिर गया और अब तो सचमुच गिर गया है, बच नहीं पाया है।
सभी रचनाएं बेहतरीन, ताजातरीन, सार्थक अंक।

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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