October 23, 2010

मैं भी फर्जी पिकासो बन सकता हूं

चित्रकार की ख्याति जब चरम पर पहुंच जाती है तो उसकी कला के जाली प्रतिरूप भी बाजार में मिलने लगते हैं जिन्हें वास्तविक चित्रकार द्वारा बनाया गया कहकर ऊंचे दामों पर बेचा जाता है।

एक जरूरतमंद चित्रकार ने पिकासो द्वारा तथाकथित बनाया गया चित्र कहीं से जुटा लिया और उसे सत्यापन के लिए पिकासो को दिखाया ताकि वह उसे बाजार में बेचकर पैसे बना सके।
पिकासो ने उस चित्र को देखकर कहा- 'फर्जी है।'
बेचारे चित्रकार ने कुछ समय बाद पिकासो द्वारा तथाकथित बनाये गए दो और चित्र कहीं से प्राप्त कर लिए। उन चित्रों को देखकर भी पिकासो ने उनके फर्जी होने की बात कही।
वह चित्रकार अब आशंकित हो उठा और बोला- 'ऐसा कैसे हो सकता है? मैंने अपनी आंखों से आपको इस दूसरे चित्र को बनाते हुए देखा है!'
पिकासो ने कहा- 'तो क्या! मैं भी दूसरों की ही तरह फर्जी पिकासो बन सकता हूं।'
(www.hindizen.com से )
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