January 29, 2011

उदन्ती.com-जनवरी 2011

वर्ष 1, अंक 5, जनवरी 2011
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फूल चुन कर एकत्र करने के लिए मत ठहरो। आगे बढ़े चलो, तुम्हारे पथ में फूल निरंतर खिलते रहेंगे।
- रवींद्रनाथ ठाकुर
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अनकही: वो सुबह कभी तो आएगी...
यादें: टाइगर मैन: बिली अर्जन सिंह - कृष्ण कुमार मिश्र
एक पाती: पर्यावरण का शत्रु पॉलीथीन - दिव्या जैन
वाह भई वाह
मनोविज्ञान: मासूमियत का अंत - अजिता मेनन
पर्यावरण: खतरे में है सुंदरवन - नरेंद्र देवांगन
कविताएं: अनुभवों का शंखनाद - रश्मि प्रभा
भोर की पहली किरण - आशा भाटी
खुशी के फूल - डॉ. भावना कुंअर

संस्मरण: तन मन धन से समर्पित ... - द्वारिका प्रसाद शुक्ल
सेहत: अनार का जूस: चार हफ्ते में घटा सकता है... - उदंती फीचर्स
परदादा बनने की उम्र में पिता बनने का सुख
पिकासो के रोचक संस्मरण
लघु कथाएं: कागज की किश्तियां, रिश्ते - डॉ अशोक भाटिया
कहानी: डाची - उपेंद्रनाथ अश्क
किताबें: ठाकुर जगमोहन सिंह
व्यंग्य: हाय मेरी प्याज - राम किशन भंवर
वन्य जीवन: दुर्लभ काला तेन्दुआ, अलका ने रचा इतिहास
आपके पत्र/ मेल बाक्स
रंग बिरंगी दुनिया



3 Comments:

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद said...

सभी कुछ तो समेट लिया है आपने.. एक संपूर्ण अंक निकालने के लिए बधाई स्वीकारें॥

वन्दना अवस्थी दुबे said...

बहुत सुन्दर अंक है. बधाई.

सुरेश यादव said...

दंती ' का यह अंक भी विचारों और भावों का बहुआयामी गुलदस्ता है .हार्दिक बधाई .

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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