June 19, 2012

उदंती.com-जून 2012 इस अंक में

मासिक पत्रिका  वर्ष 2, अंक 10, जून 2012
प्रकृति को बुरा-भला न कहो। उसने अपना कर्तव्य पूरा किया, तुम अपना करो। - मिल्टन
अनकही: हसना मना है!  - डॉ. रत्ना वर्मा
पर्यावरण दिवस: अगली अचल संपत्ति पानी - एस. अनंतनारायणन     
खेती किसानी: कुछ मत करो - वेंडेल बॅरी 
प्रेरक कथा: लिबास
पर्यावरण दिवस: तप रही है धरती - के. जयलक्ष्मी
खेती किसानी: सतपुड़ा की अनूठी खेती उतेरा - बाबा मायाराम
ब्लॉग बुलेटिन से: एहसासों के हर कतरे संजोती - रश्मि प्रभा
वाह भई वाह
ग्राम सुराज अभियान: प्राकृतिक संसाधनों से ...  - चंद्रशेखर साहू
मिसाल: चंडीगढ़ के अन्नदाता
कालजयी कहानियाँ: सभ्यता का रहस्य - मुंशी प्रेमचंद   
लघुकथाएं: 1. बीमार 2. सहयात्री 3. वाकर  -सुभाष नीरव
हाइकु: लू के थपेड़े  - डॉ. सुधा गुप्ता
हास्य व्यंग्य: 'महा' की महती कथा - प्रेम गुप्ता 'मानी'
सआदत हसन मंटो की कालजयी लघु कहानियाँ
कविता: चौसर - पियूष कुमार मिश्रा
ग़ज़ल: क्या करें - गिरिजा कुलश्रेष्ठ   
सेहत: बस दो मिनट में बजेगी खतरे की घंटी 
पिछले दिनों
आपके पत्र
रंग- बिरंगी दुनिया

1 Comment:

Jyotirmai said...

उदंती के सभी अंक बहुत ही रोचक और ज्ञान वर्धक होते हैं .हर अंक का बेसब्री से इंतजार रहता है .इस बार के सभी स्तम्भ अच्छे लगे सआदत हसन मंटो जी की लघुकथाओं की लघुकथाओं को पढने का अवसर देने के लिए हार्दिक धन्यवाद.

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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