June 18, 2012

बस दो मिनट में बजेगी खतरे की घंटी


 बस दो मिनट में बजेगी खतरे की घंटी

बस दो मिनट में बजेगी खतरे की घंटी भारत में कई कंपनियां ग्राहकों को  गुमराह कर खतरनाक जंक फूड बेच  रही हैं। सेंटर फॉर इनवायरमेंट एंड साइंस (सीएसई) का दावा है कि मैगी भी सेहत को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है।
बस दो मिनट में बन जाने वाला मैगी घर- घर में जगह बना चुकी है। बच्चे और बड़े तुरंत पेट भर लेने के लिए मैगी ही खाना चाहते हैं। लेकिन रिसर्च रिपोर्ट कहती है कि मैगी जैसे नूडल्स खाने के साथ बीमारी को भी दावत दी जा रही है। भारत में कई कंपनियां ग्राहकों को गुमराह कर खतरनाक जंक फूड बेच रही हैं। सेंटर फॉर इनवायरमेंट एंड साइंस (सीएसई) का दावा है कि मैगी भी सेहत को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है।
जल्दी बन जाने वाले फटाफट     नूडल्स के एक पैकेट में करीब तीन ग्राम नमक होता है। स्वस्थ व्यक्ति को एक दिन में छह ग्राम नमक खाना चाहिए। मैगी में अतिरिक्त विटामिन डाले जाते हैं। सीएसई के मुताबिक अतिरिक्त विटामिन मैगी को सेहतमंद खाना नहीं बनाते हैं। दो मिनट वाली मैगी में जरूरी फाइबर्स भी बहुत कम हैं। 70फीसदी कार्बोहाइड्रेट है। केएफसी के फ्राइड चिकन के दो टुकड़ों में करीब 60 ग्राम वसा (फैट) होता है। सीएसई के मुताबिक इतना फैट एक व्यक्ति को पूरे दिन में खाना चाहिए। केएफसी के चिकन जिंजर बर्गर में 16.9 फीसदी और मैकडोनल्ड के मैकआलू में 8.3 फीसदी फैट है।
कितना खाना सेहतमंद
सीएसई की लैब रिपोर्ट के मुताबिक स्वस्थ जीवन के लिए एक वयस्क पुरुष को एक दिन में 2,320 किलो कैलोरी, 290-348 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, छह ग्राम नमक और 39-78 ग्राम फैट खाना चाहिए। महिलाओं को हर रोज 1,900 किलो कैलोरी, 263-315 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, छह ग्राम नमक और 35-70 ग्राम फैट की जरूरत होती है। 10 से 12 साल के बच्चों के खाने में 2,100 कैलोरी, 238-285 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, छह ग्राम नमक और 32 से 64 ग्राम फैट होना चाहिए।
इसका मतलब है कि एक दिन में तीन पैकेट मैगी खाने से अच्छी सेहत नहीं रहेगी बल्कि शरीर में नमक जरूरत से ज्यादा हो जाएगा। पेट भर केएफसी का फ्राइड चिकन खाने से शरीर में अत्यधिक फैट समा जाएगा। मैकडोनल्ड और केएफसी के कॉम्बो ऑफर दो बार खा लेना खतरे की घंटी बजाने के लिए काफी है।
कोल्ड ड्रिंक्स से तौबा
सेहत खराब करने के मामले में चिप्स और झनझनाहट वाली कोल्ड ड्रिंक्स भी पीछे नहीं हैं। चिप्स में काफी कार्बोहाइड्रेट और नमक होता है। कार्बोनेटेड कोल्ड ड्रिंक्स में इंसान की जरूरत से ज्यादा शूगर होती है। स्वस्थ शरीर को एक दिन में 20 ग्राम शूगर की जरूरत होती है, जबकि 300 मिलीलीटर की कोल्ड ड्रिंक की एक बोतल में कंपनियां 40 ग्राम से ज्यादा शूगर उड़ेलती हैं।
तले हुए पैकेटबंद आलू के चिप्स का आधा पैकेट पूरे दिन के लिए जरूरी फैट दे देता है। ऐसे में गप्पे मारते हुए एक पैकेट चिप्स उड़ा जाना सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ है। रिपोर्ट कहती है कि बिना एक्स्ट्रा चीज वाला साधारण पिज्जा तब भी खाने लायक है।
                                                                            - ओंकार सिंह जनौटी (डायचे वेले से)

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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