Wednesday, December 28, 2011


मासिक पत्रिका वर्ष2, अंक 4, दिसम्बर 2011

हताश न होना ही सफलता का मूल है, और यही परम सुख है।
- वाल्मीकि

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अनकही: बढ़ती जनसंख्या के खतरे - डॉ. रत्ना वर्मा
नई दिल्ली के सौ साल: किलों और महलों का शहर - एम गोपालाकृष्णन
देसी और विदेशी संस्कृति का संगम- नौरिस प्रीतम
प्रेरक कथा:
पत्थर सींचना
पर्यावरण: कुछ यूं कि आधा किलो डब्बे ....
मुद्दा: ऑनलाइन जुबान पर ताला -लोकेन्द्र सिंह राजपूत
श्रद्धांजलि: 20वीं सदी का सदाबहार नायक - विनोद साव
देव साहब और उनकी नायिकाएँ...
मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया...- कृष्ण कुमार यादव
सेहत: पालक का हाथ और पोई का दिल... - डॉ. किशोर पंवार
हाइकु: मेरे कृष्ण मुरारी - डॉ. जेन्नी शबनम -खेलों में उपयोगी हो सकता है लाल रंग
जीव- जंतु: गैंडों को मिलेगा नया घर लेकिन.... - देवेन्द्र प्रकाश मिश्र
वाह भई वाह
कहानी: विसर्जन - डॉ. परदेशीराम वर्मा
व्यंग्य: एक अलमारी सौ चिंतन - प्रमोद ताम्बट
लघुकथाएं - आलोक कुमार सातपुते
ग़ज़ल: दर्द आंसू में ..., नींद की मेजबानी - जहीर कुरेशी
पिछले दिनों
स्मरणः भला ऐसे भी कोई जाता है - डॉ दुष्यंत
श्रद्धांजलिः सारंगी के उस्ताद सुल्तान खान
दुनिया के सात नए आश्चर्य

3 Comments:

दिलबाग विर्क said...

आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
कृपया पधारें
चर्चा मंच-743:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

सहज साहित्य said...

डॉ जेन्नी शबनम के ताँका बहुत प्रभावशाली है। एक ही विषय पर केन्द्रित करके तांका लिखना कठिन है पर जेन्नी जी इन तांका में मता सिद्ध कर चुकी हैं। बढ़ती जनसंख्या के खतरे :डॉ रत्नावर्मा का लेख समसामयिक चिन्ता को उजागर करता है। पत्थर सींचना -जैसे प्रसंग हारे हुए व्यक्ति को भी ताकत देने वाले हैं । कृपया एक कॉलम इस प्रकार की कथाओं का बनाए रखिएगा । ज़हीर कुरैशी की ग़ज़ल , विनोद साव का लेख सभी रचनाएं महत्त्वपूर्ण हैं। उदन्ती प्रिन्ट मीडिया में भी एक ऐसी पत्रिका है , जिसे हिन्दी के सार्थक लेखन का उदाहरण कहा जा सकता है।

KRISHNA KANT CHANDRA said...

वेबसाईट पर आपकी पत्रिका पढकर बहुत बहुत खुशी हुई | बहुत अच्छा प्रयास है |मेरी शुभकामनाये |

संपादकीय पता- उदंती, जीवन बीमा मार्ग, रायपुर (छ. ग.) 492 004 , फोन नं. 0771- 4064230 , email : udanti.com@gmail.com. सदस्यता शुल्क- वार्षिक- 500 रुपए (डाक खर्च 60 रुपए) शुल्क चैक /ड्राफ्ट के माध्यम से उदंती (udanti) के नाम से भेजें। रायपुर से बाहर के चैक में 30 रुपए अतिरिक्त जोड़े। शुल्क भेजने का पता- उदंती, जीवन बीमा मार्ग, पंडरी रायपुर (छ. ग.) 492 004. सर्वाधिकार सुरक्षित- प्रकाशित सामग्री के उपयोग के लिए लेखक, प्रकाशक की अनुमति आवश्यक है। प्रकाशित रचनाओं के विचारों से उदंती का सहमत होना आवश्यक नहीं है। उदंती से संबधित किसी भी विवाद का न्याय क्षेत्र रायपुर रहेगा। स्वामी/प्रकाशक/मुद्रक/संपादक डॉ. रत्ना वर्मा द्वारा, उदंती प्रकाशन, पंडरी, रायपुर छत्तीसगढ़ से मुद्रित एवं प्रकाशित। मूल्य: 50रूपए. व्यापारिक प्रतिनिधि- रश्मि वर्मा कार्यालय प्रतिनिधि- सुजाता साहा ******************************************************************************************* लेखकों से... मासिक पत्रिका 'उदंती' छत्तीसगढ़ से निकलने वाली एक बहुरंगी सामाजिक पत्रिका है। इस पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। हमारा देश विविधताओं से भरा देश है जहां की कला और संस्कृति की दुनिया भर में अपनी एक खास पहचान है। पत्रिका में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों के अलावा देश- दुनिया की रोचक जानकारी प्रस्तुत करने के साथ- साथ साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे यात्रा, संस्मरण, कहानी, कविता, गीत, गजल, व्यंग्य, निबंध, लघुकथाएं आदि का भी समावेश किया गया है। साथ ही चित्रकला, शिल्पकला, मूर्तिकला तथा नृत्य, गीत, संगीत से जुड़े कलाकारों का परिचय के साथ उनकी कला के बारे में जानकारी प्रकाशित की जाती हैं। उपरोक्त सभी विषयों पर मौलिक, अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। लेखकों से अनुरोध है कि वे रचना के साथ अपना संक्षिप्त परिचय फोटो, फोन नंबर, मोबाईल नंबर, ईमेल तथा डाक का पता भी अवश्य भेजें। पत्रिका www.udanti.com पर भी उपलब्ध है। आप अपनी रचनाएं Email- udanti.com@gmail.com अथवा संपादक , उदंती, जीवन बीमा मार्ग, पंडरी रायपुर (छ.ग.) 492 004 के पते पर प्रेषित करें।

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