Wednesday, December 28, 2011

लघुकथाएं

- आलोक कुमार सातपुते

अन्धा
ऑफिस पहुँचने की जल्दी में वह तेज-तेज कदमों से फुटपाथ पर चला जा रहा था कि, अचानक एक व्यक्ति से टकरा गया। अपनी गलती उ पर थोपने की गरज से उसने उलटे उसे ही फटकारना शुरू कर दिया- 'अंधे हो क्या? देखकर नहीं चल सकते।'
माफ कीजियेगा भाई साहब मेरा ध्यान कहीं और था...पर साहब मैं अंधा नहीं हूँ...उस व्यक्ति ने कांपते हाथों से अपनी लाठी और काला चश्मा टटोलते हुए कहा।
पीड़ान्तर
प्रसव के लिये स्टेचर पर जाती पत्नी का हाथ अपने हाथों में लेकर उसने कहा- 'कल फुलके बनाते वक्त ऊँगली जल जाने के दर्द में तुम रात भर रोती रही, और अब तो तुम दर्द के सागर में गोते लगाने जा रही हो...मुझे तो तुम्हारी बहुत चिन्ता हो रही है।'
'कल ऊंगली जलने पर हुए दर्द के लिये तो मैं मानसिक रुप से तैयार नहीं थी, जबकि आज व आगे जो दर्द होना है, उसके लिये मैं तो छुटपन से ही मानसिक रुप से तैयार हो गयी थी। दोनों पीड़ाओं में अन्तर है। जहाँ एक में दु:ख की अनुभ्ूाति होती है, तो वहीं दूसरे में सुख की...आप मेरी जरा भी चिन्ता न करें।' उसकी पत्नी ने जवाब दिया।
मूल्यांकन
'जी लड़का तो वैसे एक छोटी सी नौकरी में है, पर है बड़ा ही प्रतिभावान कलाकार। कला के सभी क्षेत्रों जैसे मूर्तिशिल्प, रेखाचित्र, छायाचित्र, साहित्य और संगीत में पारंगत है वह।' एक रिश्ता सुझाते हुए मध्यस्थ ने लड़की के पिता से कहा।
'अच्छा! अपनी इन कथित कलाओं से वह कितना कमा लेता है?' लड़की के पिता ने प्रश्न किया।
'जी उसने कला को कला ही रहने दिया है, पेशे के तौर पर नहीं अपनाया हैं। चूँकि ये सब उसके शौक मात्र है, इसलिये वह अपनी इन कलाओं से कुछ भी नहीं कमाता है।' मध्यस्थ ने जवाब दिया।
'तो काहे का कलाकार है? ऐसी कलाओं को पालने का क्या मतलब है, जिसमें कोई कमाई न हो ? ...मेरा तो यह मानना है कि, धन कमाना ही वास्तव में कला है, बाकी सब बेकार की बातें हैं।'मैं अपनी लड़की की शादी ऐसी जगह नहीं कर सकता। लड़की के पिता ने सपाट सा उत्तर दिया ।
बेकार
'यार मेरा एक मित्र बड़ा ही प्रतिभावान है, पर बेचारा आज तक बेरोजगार है । उसकी आर्थिक स्थिति भी बहुत खराब है। उसे कहीं नौकरी लगवा दो।' एक मित्र ने दूसरे स्थापित मित्र से अपने किसी अन्य मित्र की सिफारिश करते हुए कहा।
'अच्छा उसकी उम्र लगभग कितनी होगी ?' स्थापित मित्र ने प्रश्न किया।
'लगभग तीस- इकतीस वर्ष का तो हो ही चुका होगा वह।' उसने उत्तर दिया।
'जो व्यक्ति तीस-इकतीस वर्ष का हो चुका हो, और अब तक बेरोजगार हो वह क्या खाक प्रतिभाशाली है ? और यदि वह कभी प्रतिभाशाली रहा भी होगा, तो भी अब तक तो उसकी प्रतिभा में जंग लग चुका होगा । ऐसे में मैं उसकी कोई मदद नहीं कर सकता।' स्थापित मित्र ने सपाट सा उत्तर दिया।

संपर्क- एलआईजी-832, सेक्टर-5, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, सड्डू, रायपुर 492007, मो. 09827406575
Email- satputealokkumar@gmail.com Blog- laghukathakranti.blogspot.com

0 Comments:

संपादकीय पता- उदंती, जीवन बीमा मार्ग, रायपुर (छ. ग.) 492 004 , फोन नं. 0771- 4064230 , email : udanti.com@gmail.com. सदस्यता शुल्क- वार्षिक- 500 रुपए (डाक खर्च 60 रुपए) शुल्क चैक /ड्राफ्ट के माध्यम से उदंती (udanti) के नाम से भेजें। रायपुर से बाहर के चैक में 30 रुपए अतिरिक्त जोड़े। शुल्क भेजने का पता- उदंती, जीवन बीमा मार्ग, पंडरी रायपुर (छ. ग.) 492 004. सर्वाधिकार सुरक्षित- प्रकाशित सामग्री के उपयोग के लिए लेखक, प्रकाशक की अनुमति आवश्यक है। प्रकाशित रचनाओं के विचारों से उदंती का सहमत होना आवश्यक नहीं है। उदंती से संबधित किसी भी विवाद का न्याय क्षेत्र रायपुर रहेगा। स्वामी/प्रकाशक/मुद्रक/संपादक डॉ. रत्ना वर्मा द्वारा, उदंती प्रकाशन, पंडरी, रायपुर छत्तीसगढ़ से मुद्रित एवं प्रकाशित। मूल्य: 50रूपए. व्यापारिक प्रतिनिधि- रश्मि वर्मा कार्यालय प्रतिनिधि- सुजाता साहा ******************************************************************************************* लेखकों से... मासिक पत्रिका 'उदंती' छत्तीसगढ़ से निकलने वाली एक बहुरंगी सामाजिक पत्रिका है। इस पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। हमारा देश विविधताओं से भरा देश है जहां की कला और संस्कृति की दुनिया भर में अपनी एक खास पहचान है। पत्रिका में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों के अलावा देश- दुनिया की रोचक जानकारी प्रस्तुत करने के साथ- साथ साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे यात्रा, संस्मरण, कहानी, कविता, गीत, गजल, व्यंग्य, निबंध, लघुकथाएं आदि का भी समावेश किया गया है। साथ ही चित्रकला, शिल्पकला, मूर्तिकला तथा नृत्य, गीत, संगीत से जुड़े कलाकारों का परिचय के साथ उनकी कला के बारे में जानकारी प्रकाशित की जाती हैं। उपरोक्त सभी विषयों पर मौलिक, अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। लेखकों से अनुरोध है कि वे रचना के साथ अपना संक्षिप्त परिचय फोटो, फोन नंबर, मोबाईल नंबर, ईमेल तथा डाक का पता भी अवश्य भेजें। पत्रिका www.udanti.com पर भी उपलब्ध है। आप अपनी रचनाएं Email- udanti.com@gmail.com अथवा संपादक , उदंती, जीवन बीमा मार्ग, पंडरी रायपुर (छ.ग.) 492 004 के पते पर प्रेषित करें।

उदंती.com तकनीकि सहयोग - संजीव तिवारी

टैम्‍पलैट - आशीष