October 29, 2011

इस अंक में

मासिक पत्रिका वर्ष2, अंक 2, अक्टूबर 2011

क्रोध को जीतने में मौन जितना सहायक होता है, उतनी कोई भी वस्तुहीं
- महात्मा गांधी
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अनकही: विश्वसनीयता का अंधकार - डॉ. रत्ना वर्मा
दर्शन: वतन की फिक्र कर नादाँ - विजय जोशी
मेरा भारत महान: मंगल पर गाँधी - लोकेन्द्र सिंह कोट
पर्व-संस्कृति: त्यौहार के रंगों से सजा महीना - पल्लवी सक्सेना

कविता: ये चेहरा अपना सा लगता है - आशा भाटी
अन्दोलन: आज भी प्रासंगिक हैं महात्मा के विचार - कृष्ण कुमार यादव
शोध: याददाश्त कम.../ अवसाद से मुक्ति...
पर्यावरण: हरित भवन- परंपरा की ओर लौटना होगा - के. जयलक्ष्मी
मुद्दा: क्या यही है जादुई छड़ी? - लोकेन्द्र सिंह राजपूत
हाइकु: सर्दी की धूप जैसी जिंदगी - डॉ. हरदीप कौर सन्धु
लघुकथाएं: 1. भूकंप 2. बाहर का मोह - डॉ. करमजीत सिंह नडाला
कहानी: बदला - अज्ञेय
कविता: विजयी मंत्र -रश्मि प्रभा
व्यंग्य: गाँधी, अंडा और मुर्गा - विनोद साव
सेहत: आपको भी पसंद है चॉकलेट आईसक्रीम?
पिछले दिनों: मिरेकल वूमेन, शांति का नोबेल ...
प्रेरक कथा:
बाँस की तरह...

वाह भई वाह
आपके पत्र
रंग बिरंगी दुनिया

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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