मासिक वेब पत्रिका उदंती.com में आप नियमित पढ़ते हैं - शिक्षा • समाज • कला- संस्कृति • पर्यावरण आदि से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर आलेख, और साथ में अनकही • यात्रा वृतांत • संस्मरण • कहानी • कविता • व्यंग्य • लघुकथा • किताबें ... आपकी मौलिक रचनाओं का हमेशा स्वागत है।
Showing posts with label सुरजीत. Show all posts
Showing posts with label सुरजीत. Show all posts

May 2, 2025

कविताः गुमशुदा

 - सुरजीत [ कैनेडा ]

बहुत सरल लगता था कभी

चुम्बकीय मुस्कराहट से

मौसमों में रंग भर लेना

सहज ही

पलटकर

इठलाती हवा का

हाथ थाम लेना

गुनगुने शब्दों का

जादू बिखेर

उठते तूफानों को

रोक लेना

और बड़ा सरल लगता था

ज़िन्दगी के पास बैठ

छोटी-छोटी बातें करना

कहकहे मार हँसना

शिकायतें करना

रूठना और

मान जाना...

बड़ा मुश्किल लगता है

अब

फलसफों के द्वंद्व में से

ज़िन्दगी के अर्थों को खोजना

पता नहीं क्यों

बड़ा मुश्किल लगता है...