October 24, 2009


वर्ष 2, अंक 3, अक्टूबर 2009
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अपने खर्च को आमदनी से हमेशा कम रखो। सुखी और अमीर बनने का एक यही सबसे अच्छा तरीका है। - गेटे
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अनकही: तमसो मा ज्योर्तिगमय...
सुरक्षा नीति: हाय तौबा क्यों? - संजीव खुदशाह
शोध: 60 के पार चुस्त-दुरुस्त रहना हो...- नरेन्द्र देवांगन
कला: मिट्टी की महक से रोशन करें घर- आंगन - सुकांत दास
लोक परंपरा: तरी नरी नहाना री नहना रे ... - उदंती फीचर्स
आत्मकथा: सबके दाता राम - मोहन दास करमचंद गांधी 
यक्ष- प्रश्न: चहकना क्यों भूल गए बच्चे - रामेश्वर काम्बोज हिमांशु
समाज:समय की धूरी पर घूमता चाक - गोपाल सिंह चौहान
पलायन: आसमान की तरफ रह- रह अंख- भर ...-जोफीन टी. इब्राहिम
लघुकथा:कानून के दरवाजे पर- फ्रांज काफ्का
रहस्य: वह आंसू नहीं खून बहाता है/कुल देवता की पूजा का पर्व मातर      
मंजिल: आपका नंबर भी आयेगा - डॉ. मधुसूदन पुरोहित 
पर्यावरण: दीपदान  की परंपरा/ गर्म होती धरती और ...
अभियान/ मुझे भी आता है गुस्साः अपनी सोच बदल डालिए- सुमन परगनिहा
कविताः दिये की लौ बढ़ाओ - डॉ. रत्ना वर्मा 
 तुम ऐसे क्यों आईं लक्ष्मी - प्रेम जनमेजय

 

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माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। माटी संस्था कई वर्षों से बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से उक्त गुरूकुल के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (U.K.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर, रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी, रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से स्कूल जाने में असमर्थ बच्चे शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होंगे ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेंगे। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ.ग.) मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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