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Aug 15, 2008

खूबसूरत गोडेना फाल

खूबसूरत गोडेना फाल
- संतोष साव
गोंडवाना समाज द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य का नाम बदलकर गोंडवाना राज्य करने की मांग कई दिनों से की जा रही है। छत्तीसगढ़ का नाम गोंडवाना होगा या नहीं यह तो वक्त ही बतलाएगा परंतु छत्तीसगढ़ में एक सुंदर जलप्रताप जरूर है जिसका नाम 'गोडेना फाल` है।

छत्तीसगढ़ राज्य की उड़ीसा सीमा पर स्थित है गोडेना फाल । यह रायपुर से लगभग 180 किलोमीटर है। यहां राजिम, गरियाबंद मैनपुर होते हुए पहुंचा जा सकता है। मैनपुर से 22 किलोमीटर दूर तारेंगा स्थित है जहां वन विभाग का विश्रामगृह है। तोरेंगा से 12 किलोमीटर दूर बम्हनीझोला में वन विभाग का बेरियर लगा है। यहां प्रति व्यक्ति 15 रुपए का शुल्क देकर प्रवेश लिया जा सकता है। वाहन के प्रवेश हेतु 50 रुपए का शुल्क देय है। बम्हनी झोला में करलाझर में भी वन विभाग का विश्रामगृह है। यह सारा इलाका उदंती कहलाता है जो उदंती नदी के नाम पर 237 वर्गकिलोमीटर क्षेत्र में फैला है। अभयारण्य के बीचों बीच उदंती नदी बहती है। उदंती नदी पर ही बनता है 'गोडेना फाल`।



ग्रेनाइट व संगमरमर की चट्टानों से गिरती हुई उदंती नदी गोडेना फाल बनाती है। कई रंगों के चमकीलें चट्टानों से गिरता हुआ पानी, झरने की खूबसूरती को बढ़ा देता है। इन बेशकीमती चट्टानों को देखकर ही शायद इस राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ व छत्तीसगढ़ के लोगों को 'अमीर धरती के गरीब लोग` कहा होगा। यहां घूमते हुए आपको यह गौरव होगा कि आप कोरंडम व डायमंड प्रक्षेत्र के बिल्कुल करीब है।

गोडेना फाल जाते हुए आप उदंती अभयारण्य घूमने का आनंद भी ले सकते हैं। यह अभयारण्य मूल नस्ल के जंगली भैसों के लिए संरक्षित है। यह साजा, साल बीजा, हल्दू आदि वृक्षों से भरा हुआ घने जंगलों वाला अभयारण्य है। यहां चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर आदि पाये जाते हैं।

अभयारण्य से लौटते हुए 'दहीमन` नाम वृक्ष को देखना बहुत कौतुहलपूर्ण लगता है। कहते हैं इस वृक्ष के नीचे बैठने से रोगी व्यक्ति निरोगी हो जाता है। जानवर अस्वस्थ हो जाने पर इस वृक्ष के नीचे पनाह लेते हैं। जख्मी जानवर इस वृक्ष की छाल से अपने जख्म ठीक कर लेते हैं। यह प्रकृति के गुणकारी रूप को बताता है।