November 24, 2008

इस अंक में


अच्छे निर्णय लेने की क्षमता अनुभव से आती है, जबकि अनुभव गलत निर्णयों से प्राप्त होता है। - बाब पैकवुड।


उदंती.com
मासिक पत्रिका
वर्ष 1, अंक 4 , नवंबर 2008



अनकही-सभ्यता और संस्कृति

बातचीत/कलाकार सोनाबाई ने जब अपने गांव आने का निमंत्रण दिया

संस्कृति/मिट्टी शिल्प-..और उसके घर का वह चबूतरा सूना हो गया

जीवन शैली/परिवार-नए जमाने की दादी नानी

बढ़ती आबादी के खतरे

परंपरा/लोक महाकाव्य-बस्तर: धान्य देवी की महागाथा- लछमी जगार

कविता/हवा कुछ कहती नहीं है

अभियान/मझे भी आता है गुस्सा-किसी को पहल तो करनी होगी-उदंती फ़ीचर्स

लघुकथाएं/1.भरोसा 2. मृत्यु प्रमाण पत्र

दस्तावेज/अतीत के पन्नों से-भारत भक्त एक अंग्रेज महिला- फैनी पाक्र्स (Fanny Parkes)

समाज/बदलती धारणा -बिन फेरे हम तेरे-उदंती फ़ीचर्स

क्या खूब कही /सफलता का रहस्य

आपके पत्र/इनबाक्स

बिल गेट्स

आपके लिए एक खुशखबरी

रंग बिरंगी दुनिया/एक सूट की कीमत 30 लाख रुपए और 24 करोड़ की..... !

स्वागत है/रचनाकारो से अनुरोध


संपादक
डॉ. रत्ना वर्मा
http://www.udanti.com/




2 Comments:

pratima said...

nov. ka ank padhkar dil khush ho gaya

सृजनगाथा said...

मेरे पास दोनों है इस समय । नेट पत्रिका और पत्रिका भी । ऐसी पत्रिका मैंने कम से कम भारत में और अपने जीवन में नहीं देखी । साज सज्जा तो मन को मोह लेता है । सामग्री का चयन साबित करता है कि संपादक कितनी वरिष्ठ हैं । मुझे दुख होता रहेगा कि क्योंकर मैं पहले नहीं छपा । पर आगे लिखूँगा । साधुवाद मैडम जी को ।

लेखकों से... उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक लेखों के साथ पर्यावरण, पर्यटन, लोक संस्कृति, ऐतिहासिक- सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, व्यंग्य, लघुकथाएँ, कविता, गीत, ग़ज़ल, यात्रा, संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। आपकी मौलिक, अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। रचनाएँ कृपया Email-udanti.com@gmail.com पर प्रेषित करें।
माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। माटी संस्था कई वर्षों से बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से उक्त गुरूकुल के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (U.K.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर, रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी, रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से स्कूल जाने में असमर्थ बच्चे शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होंगे ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेंगे। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ.ग.) मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

उदंती.com तकनीकि सहयोग - संजीव तिवारी

टैम्‍पलैट - आशीष