November 23, 2008

आपके लिए एक खुशखबरी

आप तो बस बोलते जाईए


कम्प्यूटर टाइप करता चला जाएगा !

जी हां, अब बाजार में एक ऐसा औजार आ गया है कि आप बोलेंगे हिन्दी में और कम्प्यूटर टाइप करेगा। आपसे बोलने में गलती होगी तो उसे दोबारा बोलने पर ठीक भी कर देगा। इतना ही नहीं, आपके प्री रिकार्डेड संदेश, भाषण या बोले गये टैक्स्ट को भी उसी बहादुरी के साथ टाइप करके आपको थमा देगा। ये पैकेज आपके लिए एडिटिंग करेगा, अलाइनमेंट करेगा, आउटपुट में मूल डॉक्यूमेंट का फार्मेट बनाये रखेगा शब्द जोडऩे, हटाने देगा, अपडेट करने देगा, और आपको शब्देकोश की सुविधा के अलावा पर्यायवाची शब्द भी देगा।

है ना मजेदार ख्याल कि आप चांदनी रात में अपनी बाल्कनी में अकेले बैठे मौसम का आनंद ले रहे हैं और हैड फोन लगाये अपनी कहानी, गज़़ल, उपन्यास या कुछ भी अपने पीसी को डिक्टेशन दे रहे हैं। एक नज़ारा और भी हो सकता है कि जो कुछ कहना है हमें हैड फोन लगा कर पीसी के सामने कह दें। एडिटिंग बाद में होती रहेगी।

और भी कई नज़ारे हो सकते हैं, सारे प्रेम वार्तालाप, मंत्री जी के भाषण, संतों की वाणी, बीवी या हस्बैंड के गुस्से भरे अलफाज़ जस के तस बोलते हुए टाइप होते चलें। न मुकरने की आशंका न भूलने का डर। वाह क्या बात है अब हिन्दी टाइप करने के लिए लिखना पढ़ऩा आना जरूरी नहीं। कोई भी अपने पीसी से ये काम ले सकता है। सेक्रेटरी नहीं आयी तो परवाह नहीं, वाचांतर पैकेज है ना....

ये वाचांतर पैकेज आपके लिए कई बरस की रिसर्च के बाद ले कर आये हैं पुणे की सीडैक के वैज्ञानिक, कीमत पूरे सेट की सिर्फ 5900 रुपये। मंगाने या ज्यादा जानकारी के लिए देखें www.cdac.in या सम्पर्क करें अजय जी से ajai@cdac.in पर या उनसे फोन 9371034560 पर बात करें।

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लेखकों से अनुरोध...

उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। समाजिक जन जागरण के विभिन्न मुद्दों को शामिल करने के साथ ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, कविता, गीत, गजल, व्यंग्य, निबंध, लघुकथाएं और संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। उपर्युक्त सभी विषयों पर मौलिक अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। आप अपनी रचनाएँ Email-udanti.com@gmail.comपर प्रेषित करें।

माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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