May 30, 2012

इस अंक में

मासिक पत्रिका  वर्ष2, अंक 9, मई 2012


मीठा सबसे बोलिए ,
फैले सुख चहुँ ओर ।
वशीकरण है मन्त्र यह , 
तज से वचन कठोर ॥
 -रहीम

अनकही: नन्हें कन्धों पर भारी बस्ता - डॉ. रत्ना वर्मा
प्रेस स्वतंत्रता दिवस
क्यों जन-विरोधी है ... - जस्टिस मार्कंडेय काटजू     

हर हाल में हम सच का ... - गिरीश पंकज

आज की पत्रकारिता में ...  - रमेश शर्मा
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर ... - वन्दना गुप्ता
मुद्दा : क्या यही है सुन्दरता का अर्थ ? - लोकेन्द्र सिंह राजपूत
हाइकु: प्रेम - रचना श्रीवास्तव
वन्य जीवन: क्या फिर गूंजेगी सफेद शेरों ... - प्रमोद भार्गव
जन्म शताब्दी: मंटो- कालजयी व्यक्तित्व कभी... 
कहानी: भिखारिन - रवीन्द्रनाथ टैगोर   
कविता: अगर प्यार में और कुछ नहीं  - रवीन्द्रनाथ टैगोर
श्रद्धांजलि: कुछ नजर हंसी कुछ ... - शिशिर कृष्ण शर्मा
कविता: छोटे कंधे पर बड़ा बोझ  - ऋता शेखर 'मधु'
सर्वगुण संपन्न माँ  - कवि विष्णु नागर
माँ जो हूँ  -रश्मि प्रभा
ब्लॉग बुलेटिन से: वक्त का सूरज अभी डूबा...  - रश्मि प्रभा
तंबाकू  निषेध दिवस: सिर्फ प्लास्टिक पाउच पर ... - पारुल भार्गव   
पिछले दिनों
वाह भई वाह
आपके पत्र
रंग- बिरंगी दुनिया

1 Comment:

ऋता शेखर 'मधु' said...

मेरी कविता को स्थान देने के लिए आभार !!!

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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