December 28, 2011

दर्द आंसू में ढलता नहीं

- जहीर कुरेशी

हिम नयन में पिघलता नहीं,
दर्द आंसू में ढलता नहीं।
अनवरत साथ चलते हुए,
वो मेरे साथ चलता नहीं।
मुग्ध है अपनी मुस्कान पर,
फूल के बाद, फलता नहीं।
रंग रितुओं ने बदले, मगर,
मन का मौसम बदलता नहीं।
तुलना बेटी से करने के बाद,
फिर... कली को मसलता नहीं।
द्वंद से वो भी थकने लगा,
वो जो घर से निकलता नहीं।
कितने दिन से शयन-कक्ष में,
एक दीपक भी जलता नहीं।
नींद की मेजबानी
नींद की मेजबानी मिली,
स्वप्न से जब कहानी मिली।
दिन में सूरजमुखी से मिले,
रात भर रातरानी मिली
रंग फसलों ने बदले नहीं,
हर समय फस्ल धानी मिली।
उनको 'लिव इन' सुरक्षित लगा,
प्यार में बुद्धिमानी मिली।
नीम की पत्तियों की तरह,
झूठ से सच बयानी मिली।
हर नदी में समंदर तलक,
जिंदगी की निशानी मिली।
शेर में थी नयी व्यंजना,
किन्तु सज-धज पुरानी मिली।

संपर्क- समीर काटेज, बी-21 सूर्य नगर, शब्द प्रताप आश्रम के पास,
ग्वालियर 474012 (मप्र), मो. 09425790565

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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