January 29, 2011

वाह भई वाह

11 नंबर के फेर में
संता अपनी बीवी से बात कर रहा था।
संता- मेरे लिये 11 का अंक हमेशा ही शुभ रहा है। 11वें महीने की 11 तारीख को 11 बजे हमारी शादी हुई। हमारे मकान का नंबर भी 11 है। एक रोज मुझे 11 बजकर 11 मिनिट और 11 सेकण्ड पर किसी ने बताया कि आज बड़ी रेस होने वाली है। मैंने सोचा कि मेरे लिये 11 के नम्बर में जरूर चमत्कार छिपे हुये हैं, मैं गया और 11वें नम्बर की रेस के लिये 11 वें घोड़े पर 11 हजार रूपये लगा दिये।
बीवी -और घोड़ा जीत गया ?
संता - यही तो रोना है! कम्बख्त 11वें नम्बर पर आया!
भूलने की कोशिश
संता एक बियावान जगह में बैठा रो रहा था।
बंता ने पूछा- यार संता तुम क्यों रो रहे हो?
संता- यार एक लड़की को भूलने की कोशिश कर रहा हूं।
बंता- इसमें रोने की क्या बात है?
संता- जिस लड़की को भूलने की कोशिश कर रहा हूं, उसका नाम याद नहीं आ रहा।


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