October 23, 2010

सुरेश शर्मा की लघु कथाएं

मानव धर्म
पिछले दिनों मुरादाबाद के दंगों के बाद हमारे शहर में भी तनाव का वातावरण चल रहा था। उन्हीं दिनों एक बार मैं अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सिनेमा देखने गया था।
जैसे ही सिनेमा हाल से हम बाहर आए, तो देखा कि सड़क पर भगदड़ मची थी। सभी फुर्ती के साथ भागे जा रहे थे। मैंने मुश्किल से पता लगाया तो मालूम हुआ कि शहर में दंगा-फसाद हो रहा है।
सुनकर मेरी पत्नी और बच्चे भयभीत हो गए। हमारा घर शहर से काफी दूर था। कोई रिक्शा-तांगा नहीं था।
तभी एक युवक हमारे पास आया और हमारी समस्या जानकर हमें अपनी कार से हमारे घर तक छोडऩे को राजी हो गया।
रास्ते भर मेरी पत्नी मुसलमानों को भला-बुरा कहकर कोसती रही।
वह व्यक्ति सुनकर मुस्कुराता रहा।
रास्ते में पत्थर- वर्षा से कार का पिछला कांच फूट गया। खैर, हम सकुशल घर पहुंच गए।
मैंने सौ रुपए का नोट निकाल कर उस युवक को देते हुए आभार व्यक्त किया। उसने रूपया लेने से इंकार करते हुए कहा- 'क्या मानव धर्म की कोई कीमत होती है, भाई साहब?'
मेरी पत्नी ने उसका परिचय पूछा तो मुस्कुराते हुए उसने अपना नाम बताया, 'नजमल हुसैन।
और हमारे मुंह पर धुंआ छोड़ते कार चली गई।
दीया तले
एक मंत्रीजी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, 'सरकार बालकों के कल्याण के लिए बहुत कुछ करना चाहती है। आप लोग ध्यान रखें कि होटलों, दुकानों, कारखानों आदि में कम उम्र के बालकों से काम नहीं लिया जाए। यह कानून के खिलाफ भी है। इसे पूरी शक्ति के साथ रोककर सरकार को सहयोग करें।'
सभी अधिकारियों ने सहमति प्रकट की। मीटिंग समाप्ति के बाद उन्होंने चपरासी को चाय लाने को कहा।
थोड़ी देर बाद एक बारह वर्ष के दुबले- पतले, फटेहाल मासूम बच्चे ने सब के सामने चाय के कप रख दिए।

पता : 235, क्लर्क कॉलोनी, इन्दौर, मोबाइल-09926080810  

0 Comments:

लेखकों से... उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक लेखों के साथ पर्यावरण, पर्यटन, लोक संस्कृति, ऐतिहासिक- सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, व्यंग्य, लघुकथाएँ, कविता, गीत, ग़ज़ल, यात्रा, संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। आपकी मौलिक, अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। रचनाएँ कृपया Email-udanti.com@gmail.com पर प्रेषित करें।
माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। माटी संस्था कई वर्षों से बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से उक्त गुरूकुल के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (U.K.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर, रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी, रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से स्कूल जाने में असमर्थ बच्चे शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होंगे ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेंगे। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ.ग.) मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

उदंती.com तकनीकि सहयोग - संजीव तिवारी

टैम्‍पलैट - आशीष