February 23, 2012

मुबारक बेगम नहीं गा सकीं बिदाई गीत

मीनू पुरूषोत्तम की आवाज में गया यह गीत 'बिहनिया के उगत सुरूज देवता, तोरे चरणन के प्रभु जी में दासी हवव....' पलारी के बालसमुंद तालाब व मंदिर प्रांगण में फिल्माया गया है।

मीनू पुरूषोत्तम की आवाज में गाए इस सुवा गीत 'तरी हरी नहना मोर नहनारि नहना मोरि भई सुवा हो...' की शूटिंग फिल्म समाप्त होने के कारण पलारी में नहीं फिल्माई जा सकी।


मोहम्मद रफी ने फिल्म का एक और संगीतमय गीत 'तोर पैरी के झनर झनर...' मीनू पुरूषोत्तम के साथ गाया। इस गीत की शूटिंग गांव के तालाब के घाट पर की गई।

सुमन कल्याणपुर की आवाज में गाया यह बिदाई गीत 'मोर अंगना के सोन चिरइया नोनी...' दाऊ बलीराम जी के घर के विशाल आंगन का है जहां फिल्म के अधिकांश दृश्य फिल्माए गए हैं।

महेन्द्र कपूर की आवाज में गाए ददरिया शैली के गीत 'होरे...होरे होरे..' का फिल्मांकन बालसमुंद मंदिर में किया गया है। इसमें हरिप्रसाद चौरसिया के बांसुरी की धुन का बड़ी खूबसूरती से इस्तेमाल हुआ है।
मन्ना डे और साथियों के स्वर में गाये गीत के दृश्य 'कही देबे संदेश सबो ला..... दुनिया के मन आगू बढग़े चंदा तक म जाए रे भइया ...'

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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