December 25, 2010

एक शाम, भ्रष्टाचारियों के नाम

- संजय कुमार चौरसिया

अवार्ड, नाम सुनकर ही ऐसे लगता है, जैसे हमने कोई बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली हो! जैसे हमारी मेहनत सफल हो गयी हो। इन्सान की उम्र निकल जाती है एक खिताब हासिल करने में। वह भी कड़ी मेहनत करके, अपने लिए, देश हित के लिए, देश के मान- सम्मान के लिए, आम जनता की खुशी के लिए, गरीबों की भलाई के लिए, और भी ऐसे कई क्षेत्र हैं जो अवार्ड के लायक हैं! हम हमेशा से अच्छे लोगों को अवार्ड देते रहे और आगे भी देते रहेंगे, क्योंकि अवार्ड विजेता कड़ी मेहनत कर कीर्तिमान रच पाता है। हम सलाम करते हैं देश के समस्त छोटे- बड़े अवार्ड विजेताओं को। आशा करते हैं वे और भी बड़े- बड़े खिताब हासिल करेंगे!
आजकल हमारे देश में एक चीज बहुत सुनने में आ रही है और वो है अवार्ड, तेंदुलकर को भारत रत्न मिलना चाहिए, आमिर खान को ऑस्कर, धोनी को आईसीसी, अमिताभ को सदी के महानायक का, सोनिया गांधी को 'बेस्ट लीडर ऑफ इंडिया' का। ...और भी हैं इस देश में जो अवार्ड के हकदार हैं, जिन्हें आज तक अवार्ड नहीं मिला! आज भी इस देश में बहुत से गुणी- अवगुणी, नायक- खलनायक, खिलाड़ी- अनाड़ी, चोर- पुलिस, मंत्री- संत्री, साधू- सन्यासी और आला अधिकारी बचे हुए हैं, जो न जाने कितने तरह के अवार्डों से आज तक वंचित है, आज हम सभी को मिलकरइनके द्वारा अपने- अपने क्षेत्रों में हासिल की गयी महान उपलब्धियों के लिए नये- नये खिताबों से नवाजा जाना चाहिए! फिर चाहे इन्होंने देश की गरिमा को ताक पर रखकर, देश का सिर शर्म से झुकाकर, बड़े- बड़े घोटाले कर, आम जनता के साथ धोखा कर, गरीबों का खून चूसकर, भूखों का निवाला छीनकर, बच्चों का बचपन, युवा पीढ़ी का भविष्य गर्त में धकेलकर कर, मान- मर्यादाएं, सभ्यता- संस्कार, इंसानियत बेचकर और सारे बुरे काम करके अपने क्षेत्रों में महान उपलब्धियां ही क्यों न हासिल की हों! आज हमारा देश हर अच्छे छोटे-बड़े काम में सफलता हासिल कर रहा है! आज तक हमने सिर्फ अच्छे लोगों को ही पुरस्कृत किया है! किन्तु अब समय अच्छे लोगों का नहीं है, अब वक्त आ गया है उन लोगों को भी अवार्ड देने का जो आज देश का नाम विश्व पटल पर रोशन कर रहे हैं, फिर चाहे हम भ्रष्टाचार में और एक पायदान आगे बढ़ते चले जा रहे हों, बेईमानी, घूसखोरी, बेरोजगारी, हर तरह के छोटे- बड़े घोटाले कर देश का नाम रोशन कर रहे हों!
तो अब समय आ गया है एक शाम आयोजित कर इन बड़े- बड़े भ्रष्टाचारियों को अवार्ड देने का! अवार्ड देने की शुरुआत करेंगे देश के एक बड़े घोटाले 'राष्ट्रमंडल खेल' के सबसे बड़े खिलाड़ी से जिसने देश की इज्जत पहले ही डुबो दी। हम शुक्रिया अदा करते हैं देश के सच्चे खिलाडिय़ों का जिन्होंने हमारी इज्जत (असली अवार्ड जीतकर) बचा ली! भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अवार्ड इनको दिया जाना चाहिए! भ्रष्टाचार का दूसरा अवार्ड कारगिल सैनिकों के परिवारों के लिए बनाये गए 'आदर्श हाऊसिंग सोसायटी' में घपला करने वालों को जो देश की रक्षा करने वाले सैनिकों का मान- सम्मान भी न कर सके। तीसरा अवार्ड उन भ्रष्टाचारियों के नाम जो देश की 'पवित्र गाय' या 'हॉलीकाउ' अदालतों में बैठे हुए भ्रष्ट जज और वकीलों को, जो वहां बैठकर आम जनता का भरोसा तोड़ रहे हैं और भ्रष्टाचार फैला रहे हैं। देश के उन तमाम मंत्रियों- संतरियों, पुलिस- डॉक्टर, इंजीनियर, साधू- सन्यासी और बहुत से ऐसे लोगों के नाम जो झूठ- फरेब, बेईमानी- घूसखोरी और घोटाले आदि करके आज देश के कई सर्वोच्च पदों पर आसीन हैं! और जनता की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। हम सब देशवासियों को मिलकर इन भ्रष्टाचारियों को पुरष्कृत करना चाहिए, क्योंकि एक सफल व्यक्ति को जितनी कड़ी मेहनत अपनी मंजिल पर पहुंचने के लिए करनी पड़ती है, उससे कहीं ज्यादा मेहनत इन भ्रष्टाचारियों को घोटाले करने में लगती है! इन भ्रष्टाचारियों को भी बहुत कुछ सहना- सुनना पड़ता हैं बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है तब कहीं जाकर सफल और पूर्णरूप से पक्के भ्रष्टाचारी बन पाते हैं! अब हम सबको इनकी मेहनत के लिए इनका मान- सम्मान करना जरूरी है!
आप सब से 'गुजारिश' है, अब हम सब मिलकर एक शाम आयोजित करें, इन भ्रष्टाचारियों को अवार्ड देकर पुरस्कृत और सम्मानित करने के लिए! तब जाकर उनपर भ्रष्टाचारी होने की पक्की मुहर लगेगी और वे असली भ्रष्टाचारी कहलायेंगे!
आप कौन का अवार्ड लेना चाहते हैं? यह आप सभी को सोचना है... तो सोचिये... अवश्य सोचिये।
धन्यवाद ।
****
जीवन की आपाधापी को बहुत करीब से देखने और महसूस करने वाले संजय कुमार चौरसिया को उनके एक अजीज मित्र ने लिखने के लिए प्रेरित किया! वे शिवपुरी मध्य- प्रदेश के रहने वाले हंै। पिछले 13 वर्षों से शेयर मार्केट से जुड़े हुए हैं। sanjaykuamr.blogspot.com में कविता और व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक राजनीतिक विसंगतियों को बेबाकी के साथ अभिव्यक्त करते हैं।
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1 Comment:

अविनाश वाचस्पति said...

बहुत तेज कलम की धार है
इसी में तो छिपी व्‍यंग्‍य की मार है
गिरीश बिल्‍लौरे और अविनाश वाचस्‍पति की वीडियो बातचीत

लेखकों से अनुरोध...

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