February 17, 2010

इस अंक के लेखक


राहुल कुमार सिंह
जन्म - 21.11.1958 शिक्षा - स्वर्ण पदक सहित स्नातकोत्तर उपाधि (प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व), प्रावीण्यता सहित स्नातकोत्तर पत्रोपाधि। शोध- 'जांजगीर का विष्णु मंदिर' तथा 'भारतीय संग्रहालय के कार्य' अकादमिक शोध-लेखन। 1984 से शासकीय सेवा में। लेखन- छत्तीसगढ़ राज्य गठन के अवसर पर मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग एवं म.प्र. हिन्दी ग्रथ अकादमी के समवेत उपक्रम की पत्रिका 'रचना' द्विमासिक नवंबर 2000 अंक में 'छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढि़या' शीर्षक से मुख्य लेख प्रकाशित। प्रसिद्घ नाटक 'जसमा ओडऩ' का छत्तीसगढ़ी में अनुवाद। शोध पत्र, पत्रिकाओं, आकाशवाणी, दूरदर्शन के लिए कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विषयों पर नियमित लेखन, वक्तव्य। 500 से भी अधिक ग्रामों का ग्रामवार पुरातत्वीय व सांस्कृतिक सर्वेक्षण। बिलासा सम्मान 2008 से सम्मानित।
सम्पर्क- संचालनालय, संस्कृति एवं पुरातत्व,
महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय,
सिविल लाइन्स, रायपुर, मोबाइल- 09425227484
Email- rahulks58@yahoo.co.in
डॉ. दीप्ति गुप्ता
आगरा विश्वविद्यालय से शिक्षा। अमृतलाल नागर के उपन्यासों पर पी.एच-डी.। क्रमश: रूहेलखंड विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली एवं पुणे विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में अध्यापनरत। तीन वर्ष के लिए भारत सरकार व्दारा 'मानव संसाधन विकास मंत्रालय', नई दिल्ली में 'शैक्षिक सलाहकार' पद पर नियुक्त। समय से पूर्व रीडर पद से स्वैच्छिक अवकाश लेकर पूर्णतया रचनात्मक लेखन में संलग्न। राजभाषा विभाग, हिन्दी संस्थान, शिक्षा निदेशालय व शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली आदि अनेक सरकारी एवं गैर-सरकारी विख्यात संस्थानों में एक प्रतिष्ठित अनुवादक के रूप में सेवा। हिंदी और अंग्रेज़ी में कहानियां व कविताएं, सामाजिक सरोकारों के लेख व पत्र प्रसिद्ध साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित। हिंदी में 'अंतर्यात्रा' और अंग्रेज़ी में 'ओसेन इन द आई' कविता संग्रह प्रकाशित। लेखन के अतिरिक्त 'चित्रकारी' में गहन रुचि।
सम्पर्क- 2 ए, आकाशदूत सोसायटी, 12 ए,
नॉर्थ एवेन्यू, जॉगर्स पार्क के सामने
कल्याणी नगर, पुणे - 411006,
मोबाइल - 098906 33582
Email- drdeepti25@yahoo.co.in
कमल चोपड़ा
सितम्बर 1955 पंजाब में जन्म। शिक्षा- चिकित्सा स्नातक। लेखन- लघुकथा, कहानी, बाल कहानी। लगभग सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में कहानियां, लघुकथाएं व बाल कहानियां प्रकाशित। कृतियां- अतिक्रमण (कहानी संग्रह), अभिप्राय (लघुकथा संग्रह), फंगस (लघुकथा संग्रह),अन्यथा (लघुकथा संग्रह)। सम्पादन- 1.हालात 2.प्रतिवाद, 3.अपवाद, 4.आयुध, 5.अपरोक्ष, लघुकथा संग्रहों का सम्पादन व 'संरचनाÓ पत्रिका का संपादन। सम्प्रति- स्वतंत्र लेखन/ व्यवसाय।
सम्पर्क- 1600/114, त्रिनगर, दिल्ली- 110035,
फोन- 011-27381899.
डॉ. गीता गुप्त
साहित्य की सभी विधाओं में देश भर की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं एवं आकाशवाणी में रचनाएं प्रकाशित एवं प्रसारित। आत्मकथ्य- सृजन धर्मिता मुझे जीने का संकल्प प्रदान करती है। लिखना मेरे लिए जीवन का पर्याय है और अस्तित्व का बोधक भी। सम्प्रति- उच्च शिक्षा सेवा में।
सम्पर्क- ई-182/2, प्रोफेसर्स कॉलोनी,
भोपाल 462002 (म.प्र.)
मोबाइल- 09424439324
बुधराम यादव
3 मई 1946 ग्राम खैरवार (खुर्द) लोरमी बिलासपुर जिले में जन्म। सिविल अभियांत्रिकी में पत्रोपाधि। 1965 से छत्तीसगढ़ी एवं हिन्दी में सृजन एवं प्रकाशन। प्रकाशित कृति - अंचरा के मया- छत्तीसगढ़ी गीत कविता संग्रह, संप्रति - सेवा निवृत्त अभियंता।
संपर्क - एम.आई.जी. 4/8 चंदेला नगर,
रिंग रोड क्र. 2 बिलासपुर (छ.ग.)
मोबाइल- 097551 41676

0 Comments:

लेखकों से अनुरोध...

उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। समाजिक जन जागरण के विभिन्न मुद्दों को शामिल करने के साथ ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, कविता, गीत, गजल, व्यंग्य, निबंध, लघुकथाएं और संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। उपर्युक्त सभी विषयों पर मौलिक अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। आप अपनी रचनाएँ Email-udanti.com@gmail.comपर प्रेषित करें।

माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

उदंती.com तकनीकि सहयोग - संजीव तिवारी

टैम्‍पलैट - आशीष