January 31, 2012

वाह भई वाह

पंखे...


टूटू बिजली के सामान की दुकान पर गया और बोला, भाई साहब, दो पंखे दीजिए... एक लेडीज पंखा और एक जेन्ट्स पंखा...
दुकानदार ने हैरान होते हुए कहा, लेकिन पंखों में लेडीज और जेन्ट्स नहीं होते, भाई...
टूटू तपाक से बोला, होते हैं भाई... एक पंखा उषा का दो, और दूसरा बजाज का...

रेलगाड़ी

एक रेलगाड़ी चलते- चलते लहराने लगी और फिर अचानक पटरी से उतरकर पास के खेतों में उतर गई और गांव की सड़क तक पहुंच गई। सारे यात्री डर से घबरा गए और ट्रेन से उतरकर ड्राइवर के पास गए।
लोगों ने पूछा- भैया, रेलगाड़ी एकदम से पटरी से कैसे उतर गई?
रेलगाड़ी के ड्राइवर ने बताया - मैं क्या करता! एक आदमी पटरी पर खड़ा था और मेरे कई बार हॉर्न बजाने के बावजूद वह वहां से नहीं हट रहा था।
लोग चिल्लाए - तुम पागल हो क्या? एक आदमी की जान बचाने के लिए तुमने इतने आदमियों की जान खतरे में डाल दी। तुम्हें तो उस आदमी को कुचल देना चाहिए था।
ड्राइवर - अरे साहब, वही तो मैं करने जा रहा था लेकिन जैसे ही गाड़ी उसके एकदम नजदीक पहुंची वह कम्बख्त पटरी से हटकर खेतों में भागने लगा!

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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