July 23, 2012

रंग बिरंगी दुनिया: ...और उसने नियाग्रा फॉल पार कर लिया

 अपने बचपन का सपना पूरा करने के लिए अमेरिका के निक वालेंदा ने उत्तरी अमेरिका के सबसे बड़े जल प्रपात नियाग्रा फॉल को रस्सी पर चलकर पार किया। निक ने दो इंच चौड़ी इस्पात की रस्सी पर चलते हुए 200 फीट यानी साठ मीटर की दूरी तय की। रस्सी तल से 150 मीटर ऊपर बंधी थी। नियाग्रा फॉल्स की भयंकर गर्जन और पानी की तेज फुहार ने भी निक वैलेंडा का रास्ता नहीं रोका। उन्होंने अपना यह सफर अमरीकी इलाके से शुरू किया और कनाडा के इलाके में इसे पूरा किया। संतुलन बनाने के लिए उनके हाथ में एक डंडा था। रोंगटे खड़े करने वाला यह करतब 25 मिनट चला। और इस प्रकार उन्होंने एक सौ साल से भी अधिक पुराना रिकार्ड तोड़ दिया।
कलाबाज निक ने कान में एक इयरफोन लगा रखा था, जिसके जरिए वह अपने पिता से बात कर रहे थे। सामान्य तौर पर नियाग्रा को इस तरह से पार करने की अनुमति नहीं है लेकिन वैलेंडा को इसकी अनुमति दी गई क्योंकि वह कलाबाज हैं और लंबे समय से सर्कस में काम करते रहे हैं। 19वीं सदी में 14 लोगों ने इस तरह का करतब करने की कोशिश की थी जिनमें से कुछ ही सफल हो सके।
जब वो पांच सेंटीमीटर मोटी रस्सी पर चल कर 550 मीटर की दूरी को तय कर रहे थे तो उन्हें देखने के लिए एक लाख से ज्यादा लोग जमा थे। अमेरिकी नेटवर्क एबीसी पर पूरा इवेंट लाइव दिखाया गया।
वैलेंडा ग्रैंड कैनियन भी पार करना चाहते हैं जो नियाग्रा से तीन गुना ज्यादा बड़ा है। उन्हें अनुमति मिल गई है, अगले तीन से पांच साल में वे इसे पूरा करने की उम्मीद रखते हैं।

घर की रखवाली के लिए टाइगर

दक्षिण अफ्रीकी समाज में अपराध बहुत ज्यादा हैं। घरों पर डकैती पडऩा वहां आम बात है। ऐसे में जब वहां के एक व्यापारी माइकल जैमिसन के घर में हथियारबंद डकैतों ने दो बार डकैती डाली तो उन्होंने सोचा कि सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम किया जाए। इस उद्देश्य से जैमिसन और उनकी दोस्त जैकी स्मिट ने एक बंगाल टाइगर 300 पाउंड देकर खरीदा जो वास्तव में अभी बच्चा ही है जिसका नाम उन्होंने एन्जो रखा है। जब से एन्जो उनके घर में आया है तब से डकैतों ने उनके घर की ओर देखने की हिम्मत भी नहीं की। एन्जो जैमिसन के साथ उन्हीं के पलंग पर सोता है, साथ खाना खाता है और खेलता भी है।
जैमिसन कहते हैं कि इसके साथ रहना किसी खतरे से कम नहीं है। अगर इसने गलती से भी किसी को अपने नाखून या दांत लगा दिए तो कट लगना स्वाभाविक है।
एन्जो के दिन की शुरुआत दूध की बॉटल के साथ होती है। जैमिसन के 14 पालतू नन्हें कुत्तों के साथ एन्जो दिनभर घर में एक बच्चे की तरह अठखेलियां करता रहता है। एन्जो दिनभर में लगभग 5 किग्रा मांस खा जाता है। एन्जों के आने से जैमिसन का घर अब पूर्णत: सुरक्षित है।

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लेखकों से अनुरोध...

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माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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