वर्ष - 18, अंक -9
शिक्षा का उद्देश्य चरित्र निर्माण,
मन की शक्ति बढ़ाना
और आत्मनिर्भर बनाना है।
- स्वामी विवेकानंद
अनकहीः आस्था, परंपरा और हमारा विश्वास - डॉ. रत्ना वर्मा
आलेखः नए युवा और बदलती कैरियर संभावनाएँ - संध्या राजपुरोहित
मौसमः भारत में जल्दी आ गई गर्मी, सिमट रही सर्दियाँ - अजय मोहन
यात्रा वृतांतः उदयेश्वर नीलकण्ठ महादेव मंदिर - डॉ. आरती स्मित
आलेखः जीवन के उत्तरकाल को सहजता से जीना सीखें - सीताराम गुप्ता
प्रकृतिः घोंसलों पर लहराती लटकन सजावट नहीं, चकमा है
तुतलाहटः भाषा का प्रथम संगीत - जयप्रकाश मानस
कविताः निःशब्द - डॉ. कनक लता मिश्रा
लघुकथाः अदृश्य आघात - योगराज प्रभाकर
कहानीः उदास आँखें - आशा पाण्डेय
संस्मरणः कमली तू आ गई... - देवी नागरानी
व्यंग्यः हम मूर्खों के सिरमौर - गिरीश पंकज
कविताः भूमि का शृंगार तरु है - पूर्णिमा राय
दो नवगीतः 1. अवसादों का बंद पिटारा, 2. आकस्मिक - कुँवर सिंह
किताबेंः ‘बिजुरी’ के बहाने हमारे समय का सामाजिक रूपक - कुँवर सिंह
कविताः पर मेरे हुए तो नहीं - सुरभि डागर
आलेखः महानदी जल-बँटवारा - छत्तीसगढ़ और ओडिशा में विवाद - प्रमोद भार्गव

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