August 15, 2014

दो गज़लें

 गद्दारी मत कर

- डॉ श्याम सखा 'श्याम

1
हम जैसों से यारी मत कर
खुद से यह गद्दारी मत कर।

तेरे  अपने  भी  रहते हैं
इस घर पर बमबारी मत कर।

रोक छलकती इन आँखों को
मीठी यादें ख़ारी मत कर।

हुक्म-उदूली का ख़तरा है
फ़रमाँ कोई जारी मत कर।

आना-जाना साथ लगा है
मन अपना तू भारी मत कर।

खुद आकर ले जाएगा वो
जाने की तैयारी मत कर।

सच कहने की ठानी है तो
कविता को दरबारी मत कर।

'श्यामनिभानी है गर यारी
तो फिर दुनियादारी मत कर।

दर्द सुना जिसने...
2
कुछ भी कहना पाप हुआ
जीना भी अभिशाप हुआ।

मेरे वश में था क्या कुछ?
सब कुछ अपने आप हुआ।

तुमको देखा सपने में
मन ढोलक की थाप हुआ।

कह कर कड़वी बात मुझे
उसको भी संताप हुआ।

दर्द सुना जिसने मेरा
जब तक ना आलाप हुआ।

शीश झुकाया ना जिसने
वो राना प्रताप हुआ।

पैसा-पैसा-पैसा ही
सम्बन्धों का माप हुआ।

इतना पढ़-लिखकर भी 'श्याम
सिर्फ अगूँठा-छाप हुआ।

सम्पर्क: निर्देशक हरियाणा साहित्य अकादमी, अकादमी भवन, पी-16, सेक्टर-14, पंचकूला-134113
Email- shyamskha1973@gmail.com,मोबाइल-09416359019

1 Comment:

Unknown said...

काफी अर्से के बाद हिंदी में कुछ बेहतरीन और ताज़ा ताज़ा गज़लें पढ़ने को मिली। आपको और डॉ. श्याम सखा 'श्याम' जी को मेरी ओर से साधुवाद।
प्रो. शिवदेव मन्हास
डोगरी विभाग, जम्मू विश्वविद्यालय जम्मू

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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