October 02, 2018

प्रेरक

अगले 5 वर्षों में जीवन को
नया आयाम देने के लिए क्या करें?
-निशांत मिश्रा
जीवन जीनाः
अपनी ज़रूरतें कम कीजिए। मात्रा को नहीं बल्कि गुणवत्ता को प्राथमिकता दीजिए।
अपना हैल्थ चैक-अप नियमित रूप से कराइए। किसी गंभीर रोग के बारे में जितना पहले पता चले उतना ही बेहतर।
नई हॉबीज़ डेवलप कीजिए। वे आपको जीवन में बहुत आगे तक सक्रिय बनाए रखेंगी।
श्रेष्ठ पुस्तकें पढ़िए। वे चीज़ों को देखने के आपके नज़रिए को बदल देंगी।
अपने अगले दिन की प्लानिंग पहले से कीजिए। इससे आपको हर काम को सुनियोजित तरीके से करने की सुविधा होगी।
सीखते रहनाः
अपनी भीतरी शक्तियों को पहचानिए। फिर उनका उपयोग करने के तरीके खोजिए।
लेखन या भाषण कला में निपुण बनिए। सबसे अच्छा तो यही होगा कि आप इन दोनों को एक साथ साधिए।
हर चमकती चीज़ के पीछे मत भागिए। तभी आप महत्त्वपूर्ण वस्तुओं और विचारों पर फ़ोकस कर पाएँगे।
लोगों से उनके जीवन की कहानियाँ सुनिए। उनसे आपको जीवन जीने के सबक मिलेंगे।
दूसरों की ग़लतियों और मूर्खताओं से सीखिए। खुद ग़लतियाँ करके सीखते रहने के लिए ज़िंदगी बहुत छोटी है।
धन-संपत्तिः
सभी बिल समय से चुकाइए। अपना पैसा और मानसिक ऊर्जा बचाइए।
जितना कमाएँ, उससे कम में खर्च चलाएँ। और बचे हुए पैसे का निवेश करें।
खराब ऋण से छुटकारा पाएँ। खास तौर से क्रेडिट कार्ड पर चढ़े उधार को शीघ्रातिशीघ्र चुका दें।
बही-खाते को जांचना सीखें। फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट्स रुपए-पैसे की भाषा होते हैं।
कम समय में खूब सारा पैसा कमाने का लालच मत कीजिए। जिस प्लान को सुनकर यकीन न हो उसे सच मत मानिए।
रिश्ते-संबंधः
लोगों से सम्मान अर्जित कीजिए। कोई भी व्यक्ति बिला वजह आपको मान-सम्मान नहीं देता।
अपनी ग़लितियों को स्वीकार कीजिए। ग़लतियों को छुपाते रहने पर विश्वसनीयता समाप्त हो जाती है।
मौजूदा संबंधों की कद्र कीजिए। संबंधों को बनाए रखिए, उन्हें टूटने से बचाइए।
प्यार करने का हौसला रखिए। कुछ लोग हमेशा प्यार के काबिल बने रहते हैं.
साथ छोड़ने की हिम्मत बाँधए। कुछ लोगों को साथ छोड़कर जाने देने में ही सबकी भलाई होती है।
मन-ध्यानः
सोशल मीडिया के ‘लाइक्स’ के जाल में मत फँसिए। यह नशे की तरह खतरनाक हो सकता है।
कभी-कभार अकेले भी रहिए। अकेले कुछ समय बिताकर आप अपने विचारों को सुलझा सकते हैं।
ध्यान कीजिए। किसी तरकीब वाला ध्यान नहीं, बस शांत बैठिए,साँस लीजिए, भीतर देखिए, खुद को बदलिए।
उन बातों पर फ़ोकस कीजिए जिनपर आपको नियंत्रण हो। यही प्रोडक्टिव बनाए रखता है।

अकारण ही प्रसन्न रहने को अपना स्वभाव बनाएँ। सुनने में अजीब लगता है लेकिन काम बखूबी करता है। (हिन्दी ज़ेन से)

0 Comments:

लेखकों से... उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक लेखों के साथ पर्यावरण, पर्यटन, लोक संस्कृति, ऐतिहासिक- सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, व्यंग्य, लघुकथाएँ, कविता, गीत, ग़ज़ल, यात्रा, संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। आपकी मौलिक, अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। रचनाएँ कृपया Email-udanti.com@gmail.com पर प्रेषित करें।
माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। माटी संस्था कई वर्षों से बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से उक्त गुरूकुल के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (U.K.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर, रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी, रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से स्कूल जाने में असमर्थ बच्चे शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होंगे ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेंगे। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ.ग.) मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

उदंती.com तकनीकि सहयोग - संजीव तिवारी

टैम्‍पलैट - आशीष