October 22, 2013

हाइकु

छलकी हँसी
-डॉ. हरदीप कौर सन्धु
 1
क्या था ज़माना!
बड़ा था परिवार,
एक ठिकाना ।
2
रात अँधेरी
दे रही है पहरा
बापू की खाँसी।
3
याद उनकी 
हर पल है आती 
बड़ा रुलाती।
4
याद किशोरी
मन खिड़की खोल
करे किलोल।
5
बिटियाँ होती 
फूल- पँखुरियों पे
ओस के मोती।
6
माँ के आँगन
फूलों जैसी बिटियाँ
दिव्य सर्जना।
7
जन्मी बिटियाँ
खुशबू ही खुशबू,
आँगन खिला।
8
गोद में नन्हीं 
माँ के आँचल में ज्यों 
खिली चाँदनी।
9
बिटियाँ जन्मी
हृदय-धड़कन
ज्यों माँ की बनी।
10
नन्ही को पिता 
जब गोद उठाए 
दुनिया भूले।
11
कब है सोना  
एक माँ ही समझे
शिशु का रोना।
12
शिशु जो रोए 
माँ के मोम- दिल को 
कुछ-कुछ हो।
13
फूल-पँखुरी 
तितली से पँख- सी
नाज़ुक दोस्ती।
14
छोड़ें निशान
उखाड़ी हुई कील,
कड़वे शब्द।
15
ऊँचा पर्व
नीली अँखियों वाली
झील निहारे।
16
घटा घूमती 
यूँ घाघरा उठाए 
जमीं चूमती।
17
शीत के दिनों 
सर्प- सी फुफकारें
चलें हवाएँ।
18
खोई खुशबू
गुलाब पँखुरियाँ
अश्रु नहाई।
19
गूँगे जंगल  
ज़ार-ज़ार रो रहे
जख्मी आँचल।
20
कहाँ से लाएँ?
धुआँ-धुआँ बादल 
निर्मल जल ।
21
गंदला पानी
रो रही मछलियाँ 
वे जाएँ कहाँ!
22
मौन मुकुल
आम पे बौर कहाँ
रोए कोयल।
23
फूलों के अंग 
खुशबू ज्यों रहती
तू मेरे संग।
24
भरी है नमी 
जो इन हवाओं में
रोया है कोई।
25
छलकी हँसी
ये गगन से जमीं 
अपनी लगी ।
संपर्क: Dr Hardeep Kaur  Sandu, 28 Bellenden Close, Glenwood- 2768, NSW, (Sydney-Australia) Email- haikusyd@gmail.com

1 Comment:

pardeepsharma said...

sabhi haiku ati sundar !!!!! badhai

लेखकों से अनुरोध...

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माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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