September 15, 2017

दो ग़ज़लें

कश्ती माँझी की...
डॉ. जया 'नर्गिस
1
कायदे हैं अजब तेरे घर के
मोम के होंठ, बोल पत्थर के

कश्ती माँझी की भूल से डूबी
सर पे इल्ज़ाम क्यूँ समुंदर के

सच बहरहाल मेरा साथी है
जीना आता, नहीं मुझे डर के

धूप का ताज पहनने वाले
कब भरोसे रहे मुकद्दर के

उसकी आँखों का देख मैखाना
सर झुके आज जामो-सागर के

मोल क्या देगी ये मुफलिस दुनिया
उसकी आँखों से गिरे गौहर के

पूछते क्या हो हाल 'नर्गिसका
उसको जीना पड़ा है मर-मर के

तन्हा  पानी...


2
मेरी पलकों पे ये ठहरा पानी
देखता है तेरा रस्ता पानी

अपनी लपटों में घेर लेता है
उसकी आँखों का सुलगता पानी

दो किनारों के बीच बनता है
झिलमिलाता हुआ पर्दा पानी

खत्म मेला हुआ तो ऐसा लगा
रह गया घाट पे तन्हा पानी

आने वाले समय में क्या मालूम
बनके रह जाए न किस्सा पानी

दिल की धरती हो भला नम कैसे
सबकी आँखों का है सूखा पानी

मरहबा मरहबा ऐ प्यास मेरी
खुद उतारे तेरा सदका पानी

सम्प्रति- नेशनल इन्स्टीट्यूट आफ टेक्नि·ल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च भोपाल में म्यूजि· प्रोफेशनल के पद पर कार्यरत। सम्पर्क- इलेक्ट्रानि· डिपार्टमेंट, N ITTTR, शामला हिल्स भोपाल- 462002, मो. 9827624212, jyanargis@gmail.com

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लेखकों से अनुरोध...

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माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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