January 28, 2017

कविता

नए साल की अभिव्यक्ति

-मंजीत कौर "मीत"

नया नही है कुछ भी इस में
फिर क्यूँ कहते साल नया

सूरज तारे चाँद वही है
आकाश धरा पाताल वही है
चार दिशाएँ वो ही
और ऋतुएँ चार वही हैं
चार वर्ण और चार जातियाँ
चारों वेद वही हैं
वही समय का चलता चक्कर
और दिन-रात वही हैं
वही नदी पहाड़ और झरने
चारों धाम वही हैं
फल-फूल और गा वही
पशु- पंछी और पात वही
बोलो इसमें क्या बात नई
बोलो इसमें क्या बात नई

वही सोच-विचार वही
आपस की तकरार वही
वही घरों में तू-तू मैं-मैं
वही हैं खींचातानी
वही झूठ का जाल है फैला
भ्र्ष्टाचार वही है
राम-रहीम के झगड़े वो ही
फैला आतंक के वही है
वही काम वश होकर करना
व्यभिचार वही है
गरीबी, बेकारी और लाचारी
फैली वही हुई है
काम, क्रोध और लोभ वही
अहंकार और मोह वही
बोलो इसमें क्या बात नई
बोलो इसमें क्या बात नई

नया साल तो तब है मानो
जो बदले यह संसार
मानव को मानव से जोड़े
और रखें सद् विचार
कुदरत से सीखें हम कुछ
देने की प्रवृत्ति
तभी तो सच्चे अर्थों में होगी
नए साल की अभिव्यक्ति
नए साल की अभिव्यक्ति|

सम्पर्क: मकान # 60, सेक्टर 5, गुरुग्राम , 9873443678, 
 Email-manjeetkr69@gmail.com

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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