July 05, 2014

कविता

           एक और दिन    - सौरभ राय

                 

प्रदूषण से लड़ते-लड़ते
एक और पत्ती                                      सूख गयी है
पक्ष विपक्ष ने
एक दूसरे को गालियाँ देने का
मुद्दा ढूँढ़ लिया है
डस्टबिन कूड़े से
थोड़ा और भर गया है
किसान का बैल
भूखे पेट
हल जोतने से अकड़ गया है।

पत्रकारों ने जनता को
डरना शुरू कर दिया है
मज़दूर कारखानों में पिस रहें हैं
उनकी साँसें निकल रही चिमनियों से
किसानों के घुटनों के घाव
फिर से रिस रहें हैं
हीरो हिरोइन का रोमांस पढ़
युवा रोमांचित हैं
लड़की का जन्म अनवांछित है।
धर्मगत जातिगत नरसंहार
डेंगू मलेरिया कालाज़ार
हत्या खुदखुशी बलात्कार
हाजत में पुलिस की मार
ज़हरीली शराब की डकार से
थोड़े और लोग मर रहें हैं
कुछ मुस्टण्डे
लो वेस्ट निक्कर पहन
रक्तदान करने से डर रहे हैं।

एक और सूरज डूब रहा है
अपने घोटालों की फेहरिस्त देख
मंत्री स्वयं ही ऊब रहा है
अमीर क्रिकेटरों के नखरे
और नंग धड़ंग लड़कियों का
नाच देख
पब्लिक ताली पीट रहा है
मुबारक हो! मुबारक हो!
भारतवर्ष में एक और दिन
सकुशल बीत रहा है।

लेखक के बारे में:  एक बंगाली परिवार में जन्म 10 सितम्बर 1989 बोकारोझारखण्ड में। बंगलौर से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद आजकल आजीविका के लिए ब्रोकेड नामक कंपनी में कार्यरत। हिन्दी एवं अंग्रेजी में लेखन। हंसवागर्थसृजन गाथापहली बार इत्यादि कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन।
कविता संग्रह- अनभ्र रात्रि की अनुपमा (2009)तिष्ठ भारत (2011)यायावर (2012)

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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