July 11, 2010

हृषिकेश सुलभ को अंतर्राष्ट्रीय 'इन्दु शर्मा कथा सम्मान

हिंदी के जानेमाने लेखक हृषिकेश सुलभ को उनके कथा संकलन 'वसन्त के हत्यारे' के लिये 'सोलहवां अंतर्राष्ट्रीय इन्दु शर्मा कथा सम्मान' प्रदान किया गया है।
इस अवसर पर ब्रिटेन में बसे हिंदी लेखक महेन्द्र दवेसर और कादम्बरी मेहरा को ग्यारहवां पद्मानंद साहित्य सम्मान भी प्रदान किया गया। ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त नलिन सूरी ने ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स में इन लेखकों को सम्मानित किया। ब्रिटेन में लेबर पार्टी के सांसद बैरी गार्डिनर और वीरेन्द्र शर्मा ने सम्मान समारोह की मेजबानी की। इस अवसर पर बैरी गार्डिनर का कहना था कि जिन सवालों का जवाब राजनीति नहीं दे पाती, उनका जवाब साहित्य में खोजा जा सकता है।
सोलहवें अंतर्राष्ट्रीय इन्दु शर्मा कथा सम्मान से अलंकृत कथाकार हृषिकेश सुलभ ने कहा कि उनके लिए लिखना जीने की शर्त है। बिहार की जिस जमीन से वे आते हैं वहां एक- एक सांस के लिये संघर्ष करना पड़ता है।
कथा यूके के महासचिव तेजेन्द्र शर्मा के अनुसार यह समारोह ब्रिटेन में बसे एशियाई लेखकों के बीच संवाद का माध्यम बन रहा है। हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, बांग्ला, पंजाबी सहित कई भाषाओं के लेखक हमसे जुड़ रहे हैं। कथा यूके द्वारा प्रकाशित लेखकों की प्रतिनिधि रचनाओं से ब्रिटेन में साहित्य संस्कृति की नई एशियाई छवि उभरी है। उन्होंने पिछले वर्ष के दौरान दुनियां भर में हुई कथा यूके की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि हम विभिन्न समुदायों के बीच संवाद की नई पहल कर रहे हैं। यह इस आयोजन के इतिहास में यह महत्वपूर्ण अवसर है जब ब्रिटेन के दो सांसद बैरी गार्डिनर, वीरेन्द्र शर्मा हाउस ऑफ कॉमन्स में इसकी मेजबानी कर रहे हैं।
समारोह में ब्रिटिश सांसद लॉर्ड तरसेम किंग, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति विभूति नारायण राय, बीबीसी हिंदी के पूर्व प्रमुख कैलाश बुधवार, कलाकार दीप्ति शर्मा, कथाकार सूरज प्रकाश, पत्रकार अजित राय, जय वर्मा, निखिल कौशिक, सहित साहित्य, राजनीति, मीडिया, व्यवसाय, समाज सेवा एवं अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कई हस्तियां मौजूद थीं।
- अजित राय

0 Comments:

लेखकों से अनुरोध...

उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। समाजिक जन जागरण के विभिन्न मुद्दों को शामिल करने के साथ ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, कविता, गीत, गजल, व्यंग्य, निबंध, लघुकथाएं और संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। उपर्युक्त सभी विषयों पर मौलिक अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। आप अपनी रचनाएँ Email-udanti.com@gmail.comपर प्रेषित करें।

माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

उदंती.com तकनीकि सहयोग - संजीव तिवारी

टैम्‍पलैट - आशीष