July 11, 2010

विश्वजयी

- नीरज मनजीत
जलते युद्ध शिविरों
और हताहत सैनिकों के बीच
स्वयं से निर्वासित
स्वजनों को
खो देने की असह्य पीड़ा
और गहन एकाकीपन से क्लांत
विश्वजयी सम्राट के लिए
बंद हैं उसी की धरती के
सभी दरवाज़ो।

अंतरिक्ष के अनंत में
खुला है
असीम अंतरिक्ष के
राजप्रसाद का
एक अदृश्य महाद्वार,
निद्र्वंद्व निविड़ स्वाधीन
स्वर्ग के
निर्जन टापुओं का
साम्राज्य उपलब्ध है जिसमें।
अस्त्र- शस्त्रों को त्याग
रह- रहकर पश्चाताप करता
विस्फारित नेत्रों से
युद्धभूमि को देखता
समयचक्र को
रोक लेने के प्रयत्न में
रक्तरंजित हुए हाथों को
धरती पर पटकता वह
अब होना चाहता है
पृथ्वी का एक सामान्य नागरिक।

स्वयं के अंतर्मन से
निर्मल जल- धार सी फूटती
अपनी ही अंतरात्मा की पुकार से
सर्वथा अनभिज्ञ
वह एकाकी सम्राट
शिथिल स्वर में पूछ रहा है -
कौन हो तुम
बताओ मुझे ?
क्योंकि मैं तुम्हारी धरा के
द्वार पर खड़ा हूं।
संपर्क - गुरु गोविंद सिंह मार्ग, कवर्धा (छ।ग.)
मोबाइलः 9301140627

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लेखकों से अनुरोध...

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माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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