(गौरा का जन्म 11 फरवरी 2021)
गौरा और बॉल
दो साल की गौरा बॉल से खेलती है । हाथ से तो बहुत छोटी थी तब फेंकती थी ।आजकल तो पैरों से मारती है । कहती है -किक मार रही हूँ । आ रही है बॉल, नानी पकड़ना । पापा आप भी किक मारना । मम्मा कहाँ जा रहे हो आओ ना । मेरे साथ खेलो । मामा नीचे आओ वरना मैं आ रही हूँ आपके पास । पीयूष का कमरा ऊपर है । पीयूष उसकी आवाज सुनकर नीचे आ जाता है। फिर फिसलपट्टी पर बने गोल घेरे से बॉल निकालती है। कभी सबको बगीचे में ले जाती है । फिर खेलती रहती है। वहाँ कभी बिल्ली आजाती है कभी कोई चिड़िया उड़ जाती है। कभी कबूतर छज्जे पर से टुकुर -टुकुर देखता रहता है।
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10/12/2022
किचन ,नाना और गौरा
अभी रात के 12 बजे हैं। नाना के पास सोई है। सोते समय नाना चाहिए। उसे गोद चाहिए। मैं और मनु गोद में लेने को थोड़ा मना करते हैं; मगर नाना ले लेते हैं। कहीं जरा -सी चोट लग जाती है, तो नाना से पट्टी बँधवाती है। फूँक मारने को कहती है। उसे लगता है कि ये डॉक्टर हैं , तो मेरा दर्द जल्दी चला जाएगा। क्या यह सच है? गौरा समझदार बहुत है। हो सकता है ऐसा सोचती हो।
नाना उसे किचन में ले जाते हैं। वह जाती ही उनके साथ ही है किचन में। क्योंकि वे ही उसे शहद चटाते हैं। कभी रेवड़ी देते हैं। कभी मिठाई खिलाते हैं। हम लोग तो मना कर देते हैं कि डाक्टर ने मना किया है मगर नाना खिला देते हैं। नाना से इसीलिए विशेष प्रेम है गौरा को।
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10/12/2022
हर काम आपी -आपी
हर काम आपी -आपी करना है। खिलौना गोद में उठाना है आपी -आपी। रोटी खानी है आपी -आपी। दूध पीना है आपी -आपी। पानी पीना है आपी -आपी। सीढ़ियाँ उतरना है आपी -आपी ।रिक्शा में बैठना है आपी -आपी। सड़क पार करना है आपी- आपी। नहाना है आपी -आपी । कपड़े पहनना है आपी -आपी। तेल लगाना है आपी- आपी। सब काम आपी -आपी करना है गौरा को। सड़क पार आपी -आपी कैसे कर सकती है। अंगुली पकड़ो तो छुड़ाकर भागती है। अपने काम तो आपी- आपी करती है आपके काम भी करती है। आपको दवा लेनी है गौरा मुँह में रखेगी। आपको खाना खाना है गौरा खिलाएगी। भले नीचे गिरे। मगर उसकी सहायता नहीं लोगे तो नाराज हो जाएगी। फिर उसे संभालना मुश्किल है।
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10/01/2023
'डाक्टर बनूँगी'- गौरा कहती है
गौरा के नाना डॉक्टर हैं। वे जब मरीज देखते हैं गौरा भी कई बार उनके पास बैठ जाती है। कहती है –नाना, मैं भी पेशेंट देखूँगी। पेशेंट से सवाल करती है -आपका नाम क्या है? क्या हुआ? क्यों आए हो? हम वहाँ से गौरा को हटाने की कोशिश करते हैं, तो रोना शुरू कर देती है। मुझे नाना के पास रहना है। मुझे पेशेंट देखने हैं। आज मैंने यूंही पूछ लिया –गौरा, बड़े होकर क्या बनना है? एकदम से बोली -डाक्टर। हैं !हम सब बैठे थे। अचरज हुआ इसे ये बातें किसने बताई। मैंने कहा -इलाज करेगी पेशेंट का? बोली -इलाज कहाँ है? हम सब हँसे। थोड़ी देर बाद फिर बोली -नानी इलाज कहाँ है ? फिर खिड़की के पर्दे की तरफ इशारा करते हुए पूछा -वहाँ है? मैंने कहा इलाज नाना के पास है। नाना अस्पताल गए हैं। तब चुप हुई।
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11/01/2023
नानी गुड है
गौरा आज किताब ले आई। कहने लगी -नानी पढ़ाओ। उसमें तितली और फूल की चित्र सहित कहानी है। गौरा पूछती है -यह क्या है ? मैं कहती हूँ -तितली। नानी यह क्या हैं? तितली के पंख। नानी यह क्या हैं? रंग। नानी तितली उड़ेगी कब? बस अभी। नानी तितली नहीं उड़ी। हाँ बेटा, अभी उड़ेगी। नानी यह क्या है? फूल। सुंदर है फूल। मैं पूछती हूँ -पतासी को दे दूँ ? वह कहती है -नहीं, अपने पास रखो। फिर खुद कहती है – नानी, फूल रेखा जी को दे दूँ ? मैं कहती हूँ -नहीं, मुझे दो। मैं उसकी किताब के फूल को तोड़ने की एक्टिंग करती हूँ। वह नाराजगी जताती है- नानी, आपने फूल तोड़ा। आपको नहीं दूँगी। आपने तोड़ा। इसे दर्द हुआ। नानी फूल मत तोड़ना। मैं कहती हूँ -ठीक गौरा, नहीं तोडूँगी। नानी गुड है। नानी प्रिटी है। नानी अच्छी है। (पुस्तक- बाल डायरी 'सुबह हँस रही थी' के कुछ अंश) ■
सम्पर्कः 15 - बी, पंचवटी कॉलोनी, सेनापति भवन के पास, रातानाडा, जोधपुर (राज.) 342011, ई मेल- padmjasharma@gmail.com , मो. 9414721619

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