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Jan 1, 2021

कविता- नूतनता के विभ्रम में


 नूतनता के विभ्रम में

-डॉ. कुँवर दिनेश सिंह

भोर जागीतम सो गया,

काल की अथक चक्की में...

जो दल गयासो खो गया।

 

साल आया व साल गया,

नूतनता के विभ्रम में...

ठग हमको हर साल गया।

 

फिर आया है साल नया,

दिन बदलादिनांक बदला...

मानो बहुत कुछ बदल गया।

 

वर्ष-मास-दिननया-नया,

मात्र अंकों के फेर में...

मानव का मन बदल गया।

 

दिसम्बर माह बीत गया,

जनवरी के आगमन में...

परिणति का स्वननगीत नया।

 

शपथ नईसंकल्प नया,

उन्मेष नयाउत्कर्ष नया...

आँखों में प्रकल्प नया।

 

उत्साह नयाभाव नया,

मन के पाखी में उमड़ा...

उड़ जाने का चाव नया।

 

कक्षा नईबस्ता नया,

बच्चों का उल्लास नया,

बड़ों में उच्छ्वास नया।

 

विगत वर्ष कुछ सिखा गया,

भविष्य सुखद बनाने का...

अवसर आया- साल नया।

 

बजट नयाफिर गज़ट नया,

भत्तों का फिर गणित नया,

आय-व्यय का झंझट नया।

 

फ़सलों के साथ तृण नया,

श्रम नयापरिश्रम नया,

किसानों का भी ऋण नया।

 

राजनीति का रंग नया,

जनता का इरादा नया,

नेताओं का ढंग नया।

 

झूठ नया और सच नया,

जीवन की समरभूमि में...

कृपाण नई व कवच नया।

 

कवि-कथाकार-समीक्षक, सम्पादक: हाइफ़न

सम्पर्कः # 3, सिसिल क्वार्टर्ज़चौड़ा मैदानशिमला: 171004 हिमाचल प्रदेश।

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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