July 14, 2019

गाँव के हाइकु

1. रोती है गगरिया
-डॉ.कविता भट्ट
1
पीपल मौन
पनघट सिसके
सुध ले कौन?
2
ना ही बतियाँ
रोती है गगरिया,
क्या डगरिया।
3
हँसी छिटकी
चौपाल यों सिसकी
विदा कन्या-सी
4
गाँव से रास्ते
माना जाने के लाखों,
लौटे न कभी.
5
खाली गौशाला
नाचे-झूमे खामोशी
ओढ़े दुशाला ।
6
गाँव यों रोए-
पगडण्डी रुआँसी
शाम धुआँ-सी
7
विरहनसे
गाँव हैं अब सारे
राह निहारे 
8
आँखें भी मौन
ग्राम -बालिका वधू
सुध ले कौन 
9
बूढ़ी चौपाल
 तोड़ रही है दम
कोई न प्यार
10
जीर्ण हैं द्वार
पहाड़ी घर के तो,
 मनुहार 

-0-

2. मेघ हुए बेवफ़ा 
-डॉ. शिवजी श्रीवास्तव, 
1.
श्रम की बूँदें
झरती खेतों बीच
उगता सोना।
2.
गाय रम्भाए
धनिया पानी लाए
होरी मुस्काए।
3.
हल्कू उदास
फिर आई बैरन
पूस की रात
4.
गाँव की बातें
धूप के संत्रास में
छाँव की बातें।
5.
गाँव का स्कूल
बच्चों का आकर्षण
मिड-डे-मील।
6.
बिके जो धान
करे वो कन्यादान
गङ्गा में स्नान।
7.
सूना चौपाल,
गाँव के बाहर ही
खुला है मॉल।
8.
पत्नी प्रधान
सत्ता पति के पास।
कैसा विधान?
9.
गीतों के झूले
खेतों बीच डोलते
धान रोपाई।
10
खेतों में धान
इंद्रदेव रूठे हैं
क्या होगा राम।
11.
विकास -राशि
प्रधान की बैठक
बन्दरबाँट।
12.
कैसा गोदान
खेत चरें गोवंश
त्रस्त किसान।
13.
गागर रीती
पनघट गिरवी
जल आँखों में।
14.
मेघ से डरे
कुटिया किसान की
बचें न बचें।
15
काँपी कुटिया
रोई पगडंडियाँ
झरे सावन।
16.
सूखते खेत,
मेघ हुए बेवफा 
दुखी किसान।
 सम्पर्कः विवेक विहार, मैनपुरी। mail--shivji.sri@gmail.com

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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