January 27, 2018

हो सबका अभिमान

 हो सबका अभिमान
डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा
कहीं रहूँ सुखकर बहुत, सारा ही परिवेश।
मधुरिम हिन्दी गीत जब, बजते देश-विदेश।।1
तुच्छ बहुत वह जन बड़ा’, निन्दित उसका ज्ञान।
अपनी हिन्दी का नहीं, जिसके मन सम्मान।।2
करना सीखा है सदा, सबका ही सम्मान।
लेकिन क्यों खोनी भला, खुद अपनी पहचान।।3
कटीं कभी की बेडिय़ाँ, ज़ादी त्योहार।
फिर क्यों अपने देश में, हिन्दी है लाचार।।4
हिन्दी मन की दीनता, अँग्रेजी सरताज।
कैसे मानूँ भारती, पाया पूर्ण स्वराज।।5
कितनी मीठी बोलियाँ, बहे मधुर रसधार।
सबको साथ सहेज कर, हो हिन्दी विस्तार।।6
एक राष्ट्र की अब तलक, भाषा हुई, न वेश।
सकल विश्व समझे हमें, जयचंदों का देश।।7
अपने अपनाए नहीं, गैरों को जयमाल।
मन ही मन करती रही, हिन्दी बहुत मलाल।।8
चली प्रगति के पंथ पर, हुई बहुत अनमोल।
सजते अंतर्जाल पर, मोती जैसे बोल।।9
विविध विधा के संग सखि, पाया है विस्तार।
सहज, सरल हिन्दी  हुई, वाणी का शृंगार।।10
शुभ्र चंद्रिका सी खिले, कभी तेजसी धूप।
कितने ग्रन्थों में सजा, हिन्दी रूप-अनूप।।11
ममता बरसी सूर से, तुलसी जपते राम।
वाणी अमर कबीर की, मीरा रत्न ललाम।।12
सम्पर्क: एच-604, प्रमुख हिल्स, छरवाडा रोड, वापी, जिला- वलसाड, गुजरात (भारत),
Email- Jyotsna.asharma@yahoo.co.in, Sharmajyotsna766@gmail.com, Mo.9824321053

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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