August 12, 2016

दो गीत

 1.  दर्द गुलामी का
- सुनीता काम्बोज

दर्द गुलामी का लिख दूँ याआजादी का हाल लिखूँ
कैसे- कैसे कब- कब बदलीवक्त ने अपनी चाल लिखूँ

कितनी बार हुई है घायल, धरती माँ मत पूछो तुम
दुश्मन ने हैं  कैसे -कैसेबुन डाले ये जाल लिखूँ

भ्रष्ट आचरण वाली बेलें, फैली हैं हर ओर यहाँ ।
किस कारण से अब बतलाओदेश हुआ खुशहाल लिखूँ

समझ न आता कलम चलाऊँकिस-किस और समस्या पर
भूख गरीबी लिख डालूँ यासूखा, बाढ़, अकाल लिखूँ

बेटी है लाचार व बेबस, माँ की आँखें शंकित हैं ।
बता दामिनी के जख़्मों  को, कैसे  मैं हर साल लिखूँ

पैसे वाले रखते है अब, मुट्ठी में कानून यहाँ
गद्दारो की कभी नहीं क्योंहोती है पड़ताल लिखूँ

कभी झोंपड़े गए उजाड़े, रो देती थी ये आँखें
मजदूरों के घर रोटी ने, कर दी थी हड़ताल लिखूँ

जब -जब भी आवाज़ उठाईसदा दबाते आए है
      रातों-रात हुए है कैसेअब वो मालोमाल लिखूँ        

2.कर देगे आजाद माँ

कर देगें आजाद तुझको को कर देगे आजाद माँ
और भी तो वीर पैदा होगे अपने बाद माँ

हम चले हैं माँ ये अपनी जान तेरे नाम कर
चरणों तेरे सर झुका कर ऊँची तेरी शान कर
ये तमन्ना इस धरा पर जन्म फिर से ही मिले
अब नहीं अमृत की चाहत हम चले विषपान कर
हार मानेगी नही तेरी कभी औलाद माँ
कर देगे...
हम गुलामी की बँधी इन बेड़ियों को तोड़कर
एक कर देगे वतन को सब दिलों को जोड़कर
मिट्टी  में ही तेरी मिल जाएँगी हम  माँ भारती
और जाएँगे कहाँ हम तेरा आँचल छोड़कर
छोड़ जाएँगे दिलों पर अपनी गहरी याद माँ
कर देगे...
लौट जाएँगे ये तूफ़ाँ हमसे लड़कर देखना
छोड़ देगे रास्ता पर्वत भी डरकर देखना
करके देखो दोस्ती इस मौत से भी तुम कभी
तू अमर हो जाओगे ऐसे  भी मरकर देखना
गूँजने देखो लगा है ये विजय का नाद माँ

सम्पर्कः मकान नंबर -120 टाइप-3,जिला– संगरूर, स्लाईट लोंगोवाल पंजाब 148106, ईमेल- Sunitakamboj31@gmail.comस्थायी निवासी– यमुनानगर (हरियाणा )

1 Comment:

sunita kamboj said...

आपने मेरी रचना को पत्रिका में स्थान दिया उसके लिए सादर धन्यवाद ..सादर नमन

लेखकों से अनुरोध...

उदंती. com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। समाजिक जन जागरण के विभिन्न मुद्दों को शामिल करने के साथ ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी,कविता, गीत,गजल, व्यंग्य,निबंध,लघुकथाएं और संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। उपर्युक्त सभी विषयों पर मौलिक अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है।आप अपनी रचनाएँ Email-udanti.com@gmail.comपर प्रेषित करें।

माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही साथी समाज सेवी संस्थाद्वारा संचालित स्कूलसाथी राऊंड टेबल गुरूकुल में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है।
शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से साथी राऊंड टेबल गुरूकुलके बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है।
अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर,तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में),क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर,पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर,जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ।
सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी,रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबाइल नं.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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